महाराष्ट्र के सातारा जिले के फलटण में एक 28 वर्षीय महिला डॉक्टर ने आत्महत्या कर ली। उसके हाथ पर लिखा एक नोट मिला है, जिसमें उसने दो पुलिस अधिकारियों पर यौन शोषण, मानसिक उत्पीड़न और लगातार प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
पुलिस के अनुसार, डॉक्टर ने अपने हाथ पर लिखा कि पुलिस सब-इंस्पेक्टर गोपाल बडाने ने उसके साथ पांच बार बलात्कार किया, जबकि पुलिस इंस्पेक्टर प्रशांत बंकार ने चार महीने तक उसे मानसिक रूप से परेशान किया। यह नोट फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
सातारा पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि डॉक्टर ने अपने वरिष्ठों से शिकायत की थी, लेकिन उसे कोई न्याय नहीं मिला। इसी निराशा में उसने यह कदम उठाया। वह फलटण के एक होटल के कमरे में मृत पाई गई।
सातारा के पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी ने पुष्टि की कि बडाने और बंकार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और वे फिलहाल फरार हैं। उन्हें पकड़ने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं।
डॉक्टर के परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपी अधिकारी उस पर मेडिकल रिपोर्ट बदलने का दबाव डाल रहे थे। डॉक्टर का भाई बोला, “वह लगातार मानसिक दबाव में थी, इसी वजह से उसने अपनी जान दे दी।”
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की सांसद सुप्रिया सुले ने इस घटना को “बेहद गंभीर” बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा, “उसके आत्महत्या नोट में साफ लिखा है कि उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उसकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया। सिस्टम की उदासीनता ने उसे यह कदम उठाने पर मजबूर किया। जिम्मेदार लोगों को सज़ा मिलनी ही चाहिए।”
शिवसेना (UBT) नेता सुषमा आंधरे ने कहा, “पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए होती है। अगर वही रेप और उत्पीड़न करने लगे, तो लोगों की सुरक्षा कौन करेगा? फडणवीस सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रही है।”
