उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) के परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं के नाम एक विशेष ‘पाती’ लिखकर उन्हें संबोधित किया है। इस पत्र के जरिए उन्होंने जहां सफल छात्रों को आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं, वहीं उन विद्यार्थियों का भी हौसला बढ़ाया जो इस बार अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं कर सके।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि इस वर्ष का परीक्षाफल उत्साहजनक रहा है और छात्रों ने अपने कठिन परिश्रम से प्रदेश का नाम रोशन किया है। हालांकि उन्होंने विशेष रूप से उन बच्चों को संबोधित किया जो किसी कारणवश पीछे रह गए। उन्होंने लिखा कि सफलता और असफलता जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। सफलता जहां उत्साह देती है, वहीं असफलता कभी-कभी निराशा ला सकती है, लेकिन इस निराशा को दूर कर आगे बढ़ना ही जीवन का मूल मंत्र है। उन्होंने ‘चरैवेति-चरैवेति’ यानी लगातार चलते रहने का संदेश देते हुए छात्रों को निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने महान वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडिसन और गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का उदाहरण देते हुए बताया कि असफलताएं सफलता की राह का हिस्सा होती हैं। उन्होंने कहा कि एडिसन के कई प्रयोग असफल रहे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अंततः विश्व को नई दिशा दी। इसी तरह रामानुजन ने भी कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी प्रतिभा के दम पर दुनिया में पहचान बनाई। उन्होंने छात्रों से कहा कि “सोना तपकर ही कुंदन बनता है” और कोई भी परीक्षा परिणाम जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं होता, बल्कि यह एक नए सफर की शुरुआत हो सकता है।
मेरे प्यारे बच्चों,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 27, 2026
यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षाओं के परीक्षा परिणाम आ चुके हैं। इस वर्ष का परीक्षाफल अत्यंत उत्साहजनक है।
मेरी यह पाती, विशेषकर उन बच्चों के लिए है, जो किन्हीं कारणों से अपेक्षित परिणाम नहीं ला पाये। सफलता और असफलता जीवन के अंग हैं। सफलता हमें उत्साहित… pic.twitter.com/4aMivbGUWC
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अभिभावकों को भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने अपील की कि यदि बच्चों का परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं आया है, तो उन्हें डांटने या हतोत्साहित करने के बजाय उनका मनोबल बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों की रुचि और क्षमता को समझें और उन्हें उसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। करियर के अनेक क्षेत्रों में आज असीमित संभावनाएं हैं, इसलिए जरूरी है कि बच्चों को सही मार्गदर्शन मिले और उनकी स्वाभाविक प्रतिभा को निखरने का अवसर दिया जाए।
मुख्यमंत्री की इस ‘पाती’ को छात्रों और अभिभावकों के लिए प्रेरणादायक संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जो न केवल सफलता का जश्न मनाती है, बल्कि असफलता से सीख लेकर आगे बढ़ने की राह भी दिखाती है।
