ओडिशा में बड़ा B.Ed सर्टिफिकेट रैकेट बेनकाब: ‘One World Academy’ ने 300 छात्रों से ठगे लाखों, दो गिरफ्तार

Odisha B.Ed Certificate Scam: ओडिशा में शिक्षा के नाम पर 300 से ज्यादा छात्रों के साथ लाखों की ठगी। ‘One World Academy’ के नाम पर चल रहे फर्जी B.Ed रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। बुर्ला में कंप्यूटर सेंटर की आड़ में चल रहे इस खेल में दो गिरफ्तार।

Odisha B.Ed Certificate Scam: ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले से शिक्षा के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जहां ‘One World Academy’ के नाम पर चल रहे एक कथित B.Ed सर्टिफिकेट रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस मामले ने सैकड़ों छात्रों और उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है, क्योंकि इसमें 300 से अधिक छात्रों के साथ ठगी की बात सामने आई है।

पुलिस जांच में पता चला है कि बुर्ला इलाके में एक ऑफिस के जरिए यह पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। आरोप है कि यहां आंध्र प्रदेश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी का नाम इस्तेमाल कर छात्रों को झांसे में लिया जाता था और फर्जी B.Ed एडमिशन का भरोसा देकर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी।

छात्रों को यह कहा जाता था कि उनका एडमिशन आंध्र प्रदेश की आचार्य नागार्जुन यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ B.Ed कॉलेजों में “इनफॉर्मल अरेंजमेंट” के तहत कराया जाएगा। इसके लिए उनसे लगभग 25,000 से 30,000 रुपये तक लिए जाते थे। लेकिन बाद में न तो कोई वैध एडमिशन हुआ और न ही मान्य सर्टिफिकेट मिला।

जांच में यह भी सामने आया है कि पूरा गिरोह व्हाट्सएप के जरिए सक्रिय था। अलग-अलग ग्रुप बनाकर संबलपुर, बोलंगीर, झारसुगुड़ा समेत कई जिलों के छात्रों को जोड़ा जाता था। छात्रों को भरोसा दिलाने के लिए फर्जी दस्तावेज और नकली एडमिशन लेटर भी दिखाए जाते थे।

अब तक 300 से ज्यादा छात्रों ने झारसुगुड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने अपनी जमा-पूंजी इस कोर्स के नाम पर लगा दी, जबकि कुछ का करियर अधर में लटक गया। यह नेटवर्क ब्रजराजनगर, लाकेरा, बेलपहाड़ और लखनपुर जैसे इलाकों तक फैला हुआ पाया गया है।

पुलिस ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए बुर्ला स्थित कंप्यूटर सेंटर पर छापा मारा और दो आरोपियों चित्तरंजन बारिक और रीमा दास को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि यह पूरा फर्जी एडमिशन और सर्टिफिकेट का खेल लंबे समय से चल रहा था।

एसपी के अनुसार, आरोपी छात्रों से पैसे लेने के बाद न तो उन्हें एडमिशन दिला पाए और न ही पैसे वापस किए। जब परीक्षा का समय आया और छात्रों को न तो एडमिट कार्ड मिले और न ही कोई सूचना, तब जाकर मामले का खुलासा हुआ।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि B.Ed एक रेगुलर कोर्स है, जिसे केवल NCTE और यूनिवर्सिटी के नियमों के तहत ही किया जा सकता है। डिस्टेंस मोड में B.Ed का कोई वैध प्रावधान नहीं है, लेकिन इसी झूठ के जरिए छात्रों को गुमराह किया गया।

फिलहाल पुलिस इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है, जिनमें आलोक कुमार पात्रा और संग्राम केसरी के नाम भी सामने आए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह ठगी का नेटवर्क अभी और बड़ा हो सकता है, जिसकी परतें आने वाले दिनों में और खुल सकती हैं।

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