मीरा रोड चाकूबाजी केस में बड़ा खुलासा: महाराष्ट्र ATS ने संभाली जांच, आरोपी जुबैर के घर से मिला ‘ISIS’ कनेक्शन

Mira Road Stabbing Case: मुंबई के मीरा रोड इलाके में दो सुरक्षा गार्डों पर हुए हमले ने अब एक बड़ा सुरक्षा मुद्दा खड़ा कर दिया है। इस मामले की गंभीरता और आतंकी एंगल सामने आने के बाद महाराष्ट्र एटीएस (ATS) ने जांच की कमान संभाल ली है।

Mira Road Stabbing Case: मुंबई के मीरा रोड इलाके में हुए चाकूबाजी के मामले ने अब गंभीर और संवेदनशील मोड़ ले लिया है। शुरुआती पुलिस जांच के बाद इस केस को अब महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) को सौंप दिया गया है, क्योंकि आरोपी के घर से कथित तौर पर ISIS से जुड़ी संदिग्ध सामग्री और कट्टरपंथी विचारों से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं।

इस मामले में गिरफ्तार आरोपी की पहचान 31 वर्षीय जुबैर अंसारी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, घटना के कुछ ही घंटों में नया नगर पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया था। बाद में उसे ठाणे की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 4 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

यह घटना सोमवार तड़के करीब 4 बजे मीरा रोड ईस्ट के नया नगर इलाके में वॉकहार्ट अस्पताल के पीछे स्थित अस्मिता ग्रैंड मेंशन के पास हुई। उस समय दो सिक्योरिटी गार्ड राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो रेमेश सेन ड्यूटी पर थे। आरोप है कि आरोपी पहले वहां पहुंचा और मस्जिद का रास्ता पूछने लगा, लेकिन कुछ देर बाद वापस आकर उसने एक गार्ड से उसका धर्म पूछा और फिर अचानक चाकू से हमला कर दिया।

इसके बाद वह सिक्योरिटी केबिन में गया, जहां दूसरा गार्ड मौजूद था। वहां उसने कथित तौर पर गार्ड से कलमा पढ़ने को कहा और जब वह ऐसा नहीं कर सका तो उस पर भी हमला कर दिया। दोनों गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के घर से कुछ हाथ से लिखे नोट्स और कथित तौर पर ISIS से जुड़ी सामग्री मिली है। एक नोट में उसने खुद को आतंकी संगठन से जोड़ने की इच्छा भी जताई थी। ATS सूत्रों के अनुसार, आरोपी इस हमले को ISIS की विचारधारा से जोड़कर प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहा था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जुबैर अंसारी साइंस ग्रेजुएट है और कुछ समय तक अमेरिका में रह चुका है, जहां उसका परिवार अभी भी मौजूद है। नौकरी नहीं मिलने के बाद वह भारत लौट आया था और मीरा रोड में अकेले रहकर ऑनलाइन केमिस्ट्री की क्लासेस ले रहा था।

एजेंसियों को शक है कि इस दौरान वह सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए कट्टरपंथी कंटेंट के संपर्क में आया और धीरे-धीरे प्रभावित हुआ। अब जांच एजेंसियां उसके मोबाइल फोन, इंटरनेट हिस्ट्री और संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह हमला पूरी तरह अकेले किया गया या इसके पीछे किसी नेटवर्क की भूमिका थी।

ATS इस पूरे मामले को अलग-अलग एंगल से देख रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि हमला पूर्व-नियोजित था या अचानक हुई किसी स्थिति का परिणाम। फिलहाल एजेंसियां आरोपी के डिजिटल सबूतों और गतिविधियों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।

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