नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी माने जाने वाले सलीम डोला को भारत लाया गया है। उसे एक बड़े खुफिया ऑपरेशन के तहत इंटरनेशनल एजेंसियों के सहयोग से डिपोर्ट कर दिल्ली लाया गया, जहां फिलहाल केंद्रीय एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं। माना जा रहा है कि सलीम डोला की गिरफ्तारी से देश और विदेश में फैले ड्रग सिंडिकेट के कई बड़े राज खुल सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, सलीम डोला को आज सुबह एक विशेष विमान से इस्तांबुल से दिल्ली टेक्निकल एयरपोर्ट लाया गया। वहां पहुंचते ही खुफिया एजेंसियों ने उसे अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। शुरुआती जांच पूरी होने के बाद उसे मुंबई पुलिस को सौंपा जा सकता है, जहां उसके खिलाफ कई पुराने मामले दर्ज हैं।
डोला पर शिकंजा सिर्फ पुलिस तक सीमित नहीं रहेगा। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) भी अब उससे पूछताछ की तैयारी में हैं। ईडी ने उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर रखा है, जबकि एनसीबी ने उसकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया था। एजेंसियों का मानना है कि डोला के जरिए ड्रग्स के पैसों के लेनदेन, हवाला नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का खुलासा हो सकता है।
बताया जाता है कि अक्टूबर में ईडी के मुंबई जोनल ऑफिस ने पीएमएलए के तहत मुंबई में आठ ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई फैसल जावेद शेख और अल्फिया फैसल शेख से जुड़े ड्रग नेटवर्क की काली कमाई की जांच के तहत हुई थी। जांच में सामने आया था कि फैसल शेख, सलीम डोला से एमडी ड्रग्स खरीदता था। एजेंसियों को शक है कि डोला लंबे समय से ड्रग्स तस्करी और उससे जुड़े फंडिंग नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
सलीम डोला का नाम मुंबई के अंडरवर्ल्ड और ड्रग्स की दुनिया में लंबे समय से चर्चा में रहा है। उसका जन्म 1960 में मुंबई के भायखला इलाके में हुआ था। शुरुआत उसने छोटे स्तर पर गुटखा तस्करी से की, लेकिन धीरे-धीरे गांजा और बाद में सिंथेटिक ड्रग्स के बड़े कारोबार में उतर गया। इसी दौरान उसकी मुलाकात डी-कंपनी के अहम सदस्य छोटा शकील से हुई, जिसके बाद उसने अपराध की दुनिया में तेजी से पहचान बनाई।
सूत्रों के अनुसार, छोटा शकील ने पहले उसे मुंबई और आसपास के इलाकों में गांजा सप्लाई की जिम्मेदारी दी। बाद में उसे बड़े पैमाने पर ड्रग तस्करी के नेटवर्क से जोड़ा गया। 1993 मुंबई बम धमाकों के बाद जब दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील देश छोड़कर भाग गए, तब सलीम डोला भारत में रहकर कथित तौर पर डी-कंपनी के लिए ड्रग नेटवर्क संभालता रहा।
इसके बाद उसने मुंबई, सूरत और देश के अन्य हिस्सों में अपना नेटवर्क फैलाया। खास तौर पर एमडी यानी मेफेड्रोन ड्रग्स के कारोबार में उसने भारी मुनाफा कमाया। साल 2012 में उसे एमडी ड्रग्स तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया था और करीब पांच साल जेल में रहा। जमानत मिलने के बाद वह फिर सक्रिय हो गया।
साल 2018 में मुंबई पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार किया, लेकिन कुछ महीनों बाद उसे फिर जमानत मिल गई। इसके बाद वह देश छोड़कर यूएई भाग गया और वहीं से कथित तौर पर अपना नेटवर्क चलाता रहा। सलीम डोला पर मुंबई में 10 से ज्यादा ड्रग तस्करी के मामले दर्ज बताए जाते हैं, जिनमें करीब 250 करोड़ रुपये के एमडी ड्रग्स का बड़ा केस भी शामिल है।
अब भारत वापसी के बाद एजेंसियों की नजर उससे जुड़े पूरे नेटवर्क पर है। माना जा रहा है कि पूछताछ में ड्रग्स तस्करी, अंडरवर्ल्ड कनेक्शन और विदेशों में छिपे नेटवर्क से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
