केतन अग्रवाल की मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। पुलिस जांच के बीच सामने आई जानकारी के अनुसार, केतन अग्रवाल और सिया गोयल का रिश्ता पारंपरिक तरीके से तय किया गया था। परिवार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जनवरी 2026 में दोनों परिवारों ने विवाह से पहले कुंडली मिलवाई थी, जिसमें 36 में से 27 गुण मिलने की बात कही गई। परिवार के ज्योतिषी ने इस रिश्ते को अनुकूल बताते हुए विवाह के लिए उपयुक्त माना था। इसके बाद दोनों परिवारों ने रिश्ते को अंतिम रूप दिया।
पुलिस के अनुसार, फरवरी 2026 में पुणे के एक होटल में दोनों की सगाई हुई और नवंबर 2026 में शादी की योजना बनाई गई थी। जांच एजेंसियों का दावा है कि शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदलने लगीं। पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान हत्या की कथित साजिश रची गई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
सिया गोयल के भाई साहिल गोयल ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उन्हें यह जानकारी थी कि सिया और चेतन चौधरी पहले से एक-दूसरे को जानते थे और दोस्त थे। उनके अनुसार, सगाई के बाद सिया बार-बार कहती थी कि अब उसका चेतन से कोई संपर्क नहीं है।
वहीं, पुलिस जांच के अनुसार केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने बताया कि शादी तय होने के बाद केतन ने कई बार सिया के व्यवहार को लेकर चिंता जताई थी। जांच के मुताबिक, केतन ने परिवार से पूछा था कि क्या सिया के बारे में पूरी जानकारी लेने के बाद ही रिश्ता तय किया गया है। उसने यह भी बताया था कि कई बार सिया का फोन व्यस्त मिलता था और बातचीत के दौरान वह अक्सर चेतन चौधरी का नाम लेती थी। परिवार ने उस समय केतन को समझाया कि चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि दोनों परिवार पहले से एक-दूसरे को जानते थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि 6 जून को प्रस्तावित बाली प्री-वेडिंग ट्रिप रद्द होने के बाद केतन ने अपने पिता से शिकायत की थी कि सिया छोटी-छोटी बातों पर विवाद करने लगी है। परिवार ने इसे सामान्य मतभेद मानते हुए रिश्ता आगे बढ़ाने की सलाह दी। जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि 14 जून को केतन और सिया लोहागढ़ किले गए थे, जहां कथित तौर पर एक ऐसी घटना हुई जिसमें केतन खाई की ओर गिरते-गिरते बच गया। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहागढ़ किले से गिरने के बाद केतन अग्रवाल की मौत हो गई। जांच एजेंसी का आरोप है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर हत्या की साजिश रची और घटना को अंजाम दिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और मामला फिलहाल जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच टीम सिया गोयल का पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) टेस्ट कराने की तैयारी कर रही है। इसके लिए अदालत से अनुमति मांगी जा सकती है। कानून के अनुसार, पॉलीग्राफ परीक्षण केवल संबंधित व्यक्ति की सहमति और अदालत की अनुमति से ही कराया जा सकता है तथा इसकी रिपोर्ट अपने आप में अदालत में अंतिम साक्ष्य नहीं मानी जाती।
फिलहाल जांच एजेंसियां डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। जांच में सिया गोयल और चेतन चौधरी से पूछताछ, मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), कथित रूप से डिलीट किए गए संदेश, लोकेशन डेटा, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, क्राइम सीन रीक्रिएशन तथा परिवार और अन्य लोगों के बयानों का विश्लेषण किया जा रहा है।
