मुहर्रम पर बड़ी साजिश! फैयाज ने इंदौर से मंगाया 40 किलो जहर, गेस्ट हाउस में चल रही थी कैप्सूल बनाने की तैयारी

Mumbai Muharram Case: भायखला में मुहर्रम जुलूस से जुड़े कथित विषाक्तता मामले की जांच में पुलिस ने 40 किलो से अधिक जिंक फॉस्फाइड और हजारों खाली कैप्सूल की कथित खरीद का खुलासा किया है।

मुंबई। मुंबई के भायखला में मुहर्रम जुलूस के दौरान कथित सामूहिक विषाक्तता (मास पॉइजनिंग) की साजिश से जुड़े मामले में पुलिस जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पूछताछ में आरोपी फैयाज प्रेमजी ने कथित तौर पर बताया कि उसने इस वारदात की तैयारी काफी पहले से शुरू कर दी थी। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने मध्य प्रदेश के इंदौर से ऑनलाइन माध्यम से 40 किलोग्राम से अधिक जिंक फॉस्फाइड और बड़ी संख्या में खाली कैप्सूल मंगवाए थे।

चुनावी हार के बाद बढ़ा था विवाद

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने पहले ख्वाजा शिया समुदाय (जमात) के चुनाव में हिस्सा लिया था, लेकिन उसे हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद समुदाय के कुछ नेताओं के साथ उसके संबंध लगातार खराब होते गए। जांच एजेंसियों का मानना है कि चुनावी हार और पुराने विवादों ने उसके भीतर गहरा आक्रोश पैदा किया, जिसके चलते उसने कथित तौर पर मुहर्रम के दौरान बड़ी साजिश रचने की योजना बनाई।

ऑनलाइन मंगवाया गया जिंक फॉस्फाइड

जांच के अनुसार, आरोपी ने इंदौर स्थित एक केमिकल सप्लायर से ऑनलाइन संपर्क कर 40 किलोग्राम से अधिक जिंक फॉस्फाइड मंगवाया। पुलिस का कहना है कि यह वही रसायन है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चूहे मारने के लिए किया जाता है। मामले की जांच में यह खरीदारी आरोपी की कथित योजना का अहम हिस्सा मानी जा रही है।

हजारों खाली कैप्सूल भी खरीदे

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने जिंक फॉस्फाइड के साथ इंदौर के ही एक अन्य सप्लायर से बड़ी संख्या में खाली कैप्सूल भी खरीदे। आरोप है कि वह मुंबई के एक गेस्ट हाउस में इन कैप्सूलों में जिंक फॉस्फाइड पाउडर भर रहा था। जांच में सामने आया है कि इस पूरी तैयारी पर उसने करीब 45 हजार रुपये खर्च किए, जिनमें लगभग 15 हजार रुपये केमिकल और 30 हजार रुपये कैप्सूल खरीदने पर लगाए गए।

सप्लाई चेन और लेनदेन की जांच जारी

मामले की जांच कर रही मुंबई पुलिस अब आरोपी द्वारा किए गए ऑनलाइन भुगतान, कूरियर रिकॉर्ड और सप्लाई चेन की विस्तृत जांच में जुटी है। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि जिन सप्लायर्स ने केमिकल और कैप्सूल उपलब्ध कराए, उन्हें आरोपी के कथित इरादों की जानकारी थी। पुलिस का कहना है कि यह लेनदेन सामान्य व्यावसायिक खरीदारी के रूप में किया गया था। फिलहाल मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है।

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