ट्रंप के टैरिफ वॉर पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की रोक, भारत के लिए अब बदल जाएगा टैक्स का गणित

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी टैरिफ नीति को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक पारस्परिक टैरिफ (Reciprocal Tariff) को गैरकानूनी करार दे दिया है, जिससे भारत सहित दुनिया भर के व्यापारिक समीकरण बदल गए हैं।

US Supreme Court Halts Trump’s Tariff War; Tax Equation May Change for India
US Supreme Court Halts Trump’s Tariff War; Tax Equation May Change for India

US Tariff On India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी टैरिफ नीति को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक पारस्परिक टैरिफ (Reciprocal Tariff) को गैरकानूनी करार दे दिया है, जिससे भारत सहित दुनिया भर के व्यापारिक समीकरण बदल गए हैं। कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा है कि राष्ट्रपति करीब 50 साल पुराने अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) का इस्तेमाल शांति काल में टैरिफ लगाने के लिए नहीं कर सकते। इस कानूनी हस्तक्षेप के बाद अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि भारत से होने वाले निर्यात पर अमेरिका कितना शुल्क वसूलेगा।

भारत के संदर्भ में यह टैरिफ काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। पिछले साल अप्रैल में जब ट्रंप ने टैरिफ अटैक की शुरुआत की थी, तो भारत पर शुरुआती तौर पर 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया गया था। इसके बाद अगस्त में ट्रंप ने इसे बढ़ाकर सीधे 50 प्रतिशत कर दिया था, जिसके पीछे मुख्य कारण भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद को बताया गया था। अमेरिका ने इसे यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद मानते हुए भारत पर अतिरिक्त जुर्माने के तौर पर लागू किया था। हालांकि, हाल ही में हुई भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद ट्रंप ने इस शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया था।

अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले ने 18 प्रतिशत के इस टैरिफ के कानूनी आधार को प्रभावी रूप से समाप्त कर दिया है। तकनीकी तौर पर देखें तो यदि 18 प्रतिशत का यह टैरिफ रद्द होता है, तो भारत पर अमेरिकी शुल्क महज 3.5 प्रतिशत रह जाना चाहिए, जो कि पहले ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ (MFN) के दर्जे के कारण लगता था। लेकिन कोर्ट के फैसले से नाराज राष्ट्रपति ट्रंप ने तुरंत धारा 122 का इस्तेमाल करते हुए 10 प्रतिशत के नए ग्लोबल टैरिफ का ऐलान कर दिया है। यह नई धारा राष्ट्रपति को 150 दिनों के लिए 15 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का अधिकार देती है।

इस नए ग्लोबल टैरिफ के लागू होने के बाद अब भारत पर प्रभावी टैरिफ 13.5 प्रतिशत होने का अनुमान है, जो कि 3.5 प्रतिशत बेस टैरिफ और 10 प्रतिशत नए ग्लोबल टैरिफ का जोड़ है। हालांकि, इस मामले में खुद डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस के बयानों में विरोधाभास नजर आ रहा है। ट्रंप ने दावा किया है कि भारत के साथ हुई ट्रेड डील के अनुसार टैरिफ 18 प्रतिशत ही रहेगा, लेकिन व्हाइट हाउस ने बाद में स्पष्ट किया कि कानूनी फेरबदल के कारण फिलहाल भारत पर 10 प्रतिशत का नया ग्लोबल टैरिफ ही लागू माना जाएगा। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय निर्यातकों के लिए अंतिम दर क्या तय होती है।

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