US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य गतिरोध को लेकर विरोधाभासी संकेत सामने आ रहे हैं। एक ओर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सार्वजनिक रूप से इस युद्ध को ‘बीती बात’ बताकर इसके अंत का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की सख्त नाकेबंदी और समुद्र में व्यापारिक जहाजों को रोके जाने की घटनाओं ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।
ट्रंप का चौंकाने वाला बयान: “युद्ध खत्म होने के करीब”
मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर राष्ट्रपति ट्रंप का एक छोटा वीडियो क्लिप वायरल हुआ, जो ‘फॉक्स न्यूज’ की पत्रकार मारिया बार्टिरोमो के साथ उनके आगामी विस्तृत इंटरव्यू का हिस्सा था। इस क्लिप में मारिया ने जब ट्रंप से सीधे तौर पर पूछा कि क्या वे सचमुच युद्ध को खत्म मान रहे हैं, तो ट्रंप ने सकारात्मक जवाब दिया। ट्रंप ने कहा कि उनके नजरिए से यह संघर्ष खत्म होने के बहुत करीब है और वे इसे ‘बीती बात’ के रूप में देख रहे हैं। ट्रंप के इस बयान ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है क्योंकि यह दावा जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता दिख रहा।
NEW: President Trump says the war with Iran is "close to over."
— Fox News (@FoxNews) April 15, 2026
Full interview airs on @MorningsMaria on Fox Business at 6 a.m. pic.twitter.com/7YqjbHW3Fy
अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी और 6 जहाजों को लौटाया गया
ट्रंप के बयानों के ठीक उलट, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने मंगलवार को आधिकारिक पुष्टि की कि ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी को सफलतापूर्वक लागू हुए 24 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है। कमांड के अनुसार, इस घेराबंदी के पहले ही दिन अमेरिकी सेना ने 6 व्यापारिक जहाजों को ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने से रोक दिया। इन जहाजों को अमेरिकी सेना के निर्देशानुसार वापस मुड़कर ओमान की खाड़ी की ओर जाना पड़ा। यह नाकेबंदी ईरान की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने और उसके समुद्री निर्यात को पूरी तरह ठप करने की अमेरिकी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
‘रिच स्टारी’ टैंकर ने घेराबंदी को दी चुनौती
हालांकि अमेरिकी नाकेबंदी के बीच एक रहस्यमयी घटना भी सामने आई। ‘मरीनट्रैफिक’ के आंकड़ों के अनुसार, मलावी का झंडा लगा तेल टैंकर ‘रिच स्टारी’ पहले तो अमेरिकी चेतावनी के बाद पीछे हटा, लेकिन बाद में उसने फिर से अपना रास्ता बदला और मंगलवार सुबह ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (होर्मुज जलडमरूमध्य) को पार करने में सफल रहा। इस जहाज ने शुरुआत में अपनी मंजिल ओमान का सोहार बंदरगाह बताया था, लेकिन बाद में अपनी लोकेशन की जानकारी देना बंद कर दिया। यह घटना दर्शाती है कि अमेरिकी घेराबंदी के बावजूद समुद्र में लुका-छिपी का खेल जारी है।
अनिश्चितता के बीच वैश्विक बाजार पर असर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते इस कूटनीतिक और सैन्य गतिरोध का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ दुनिया का सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ता है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी है कि यदि उसकी नाकेबंदी जारी रही, तो वह पूरे क्षेत्र में जवाबी हमले कर सकता है। ऐसे में राष्ट्रपति ट्रंप का युद्ध खत्म होने का दावा और नौसेना की आक्रामक कार्रवाई—इन दो विपरीत परिस्थितियों ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिज्ञों को उलझन में डाल दिया है। फिलहाल सबकी नजरें गुरुवार को होने वाली संभावित बातचीत और ट्रंप के पूर्ण इंटरव्यू पर टिकी हैं।
