डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी कूटनीतिक जीत, इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम का एलान

Israel Lebanon Ceasefire: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम की घोषणा की है। जहां एक तरफ शांति की उम्मीद जगी है, वहीं होर्मुज जलमार्ग पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है।

इजरायल लेबनान युद्धविराम
इजरायल लेबनान युद्धविराम

Middle East Ceasefire: पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव और संघर्ष के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार देर रात इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम का आधिकारिक एलान कर दिया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह युद्धविराम भारतीय समयानुसार आज तड़के 3:30 बजे से लागू हो चुका है। राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई लंबी बातचीत के बाद दोनों देश इस अस्थाई शांति समझौते पर सहमत हुए हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते को स्थायी शांति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है और दोनों देशों के शीर्ष नेताओं को 1983 के बाद पहली सार्थक द्विपक्षीय वार्ता के लिए व्हाइट हाउस आमंत्रित किया है। ट्रंप प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रूबियो और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन को विशेष समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि, हिजबुल्ला के वरिष्ठ सांसद हसन फद्लल्ला ने स्पष्ट किया है कि युद्धविराम का टिकना पूरी तरह से इजरायल के रवैये और उसकी प्रतिबद्धता पर निर्भर करेगा।

युद्धविराम की इस पहल के साथ ही होर्मुज जलमार्ग को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी गहमागहमी बनी हुई है। अमेरिकी नौसेना ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए नौसैनिक नाकाबंदी की चेतावनी दी है। अमेरिकी जनरल डैन केन ने साफ तौर पर कहा है कि जो भी जहाज नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश करेगा, उस पर हमला किया जा सकता है। इस बीच, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों से होर्मुज जलमार्ग में जहाजों की सुरक्षा और स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की है। चीन ने भी वैश्विक व्यापारिक हितों को देखते हुए ईरान से इस अहम समुद्री रास्ते को खोलने की अपील की है।

जमीनी हकीकत की बात करें तो यह समझौता ऐसे समय में आया है जब संघर्ष में अब तक 2,196 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 12 लाख से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं। युद्धविराम लागू होने से ठीक पहले इजरायली सेना ने लेबनान की लिटानी नदी पर स्थित उस आखिरी पुल को भी ध्वस्त कर दिया जो दक्षिणी लेबनान को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता था। इजरायल ने यह भी साफ कर दिया है कि वह इस 10 दिनों के दौरान दक्षिणी लेबनान से अपने सैनिकों को पीछे नहीं हटाएगा। फिलहाल, तेहरान पहुंचे पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और अन्य क्षेत्रीय नेता इस युद्धविराम को स्थायी शांति में बदलने के प्रयासों में जुटे हुए हैं।

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