TMC vs BJP controversy: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रण में अब ‘हेलीकॉप्टर लैंडिंग’ को लेकर नया सियासी संग्राम छिड़ गया है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी व विधायक कल्पना सोरेन को रविवार को झारग्राम में लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली, जिसके बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। टीएमसी का आरोप है कि प्रधानमंत्री के अचानक लिए गए ‘झालमुड़ी ब्रेक’ और उसके सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण सोरेन दंपति को घंटों हवा में इंतजार करना पड़ा और अंततः उन्हें अपना कार्यक्रम रद्द कर रांची वापस लौटना पड़ा।
तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि “प्रधान सेवक” के झारग्राम में रुककर झालमुड़ी खाने और फोटो खिंचवाने के शौक के कारण दो निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया गया। टीएमसी ने इसे आदिवासी नेताओं के प्रति भारतीय जनता पार्टी की “आदिवासी विरोधी मानसिकता” का उदाहरण बताया। पार्टी ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह घटना दिखाती है कि जो नेता केंद्र के सामने झुकते नहीं, उनके प्रति प्रधानमंत्री के मन में कितना सम्मान है।
Narendra Modi's Adivasi-Birodhi mindset has been exposed for all to see.
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 19, 2026
Because the "Pradhan Sevak" decided to extend his stay in Jhargram to eat Jhalmuri, Jharkhand Chief Minister Shri Hemant Soren and his wife and MLA Smt. Kalpana Soren were denied permission to fly their… pic.twitter.com/xK3WAUPjqO
विवाद की जड़ रविवार को पीएम मोदी का झारग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान सड़क किनारे एक दुकान पर रुकना है। प्रधानमंत्री ने वहां न केवल झालमुड़ी का स्वाद लिया, बल्कि उसका वीडियो भी साझा किया, जिसमें वे दुकानदार से आत्मीय बातचीत करते नजर आए। हालांकि, टीएमसी का दावा है कि इस ‘फोटो ऑप’ की वजह से पूरे इलाके को ‘नो फ्लाई ज़ोन’ में तब्दील कर दिया गया, जिससे हेमंत सोरेन की रैली बाधित हुई। झारग्राम की जनसभा में पीएम मोदी ने टीएमसी पर पलटवार करते हुए उसे “घुसपैठियों की सरकार” करार दिया और कहा कि यह पार्टी बंगाल की पहचान और आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए खतरा बन गई है।
Jhalmuri break in Jhargram! pic.twitter.com/LJNjEojAW4
— Narendra Modi (@narendramodi) April 19, 2026
पश्चिम बंगाल में चुनावी पारा इस समय सातवें आसमान पर है, जहां इस बार दो चरणों में मतदान होना है। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को और दूसरे चरण की 29 अप्रैल को होगी, जबकि नतीजों की घोषणा 4 मई को की जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मुकाबला सिर्फ भाजपा और टीएमसी के बीच नहीं, बल्कि कई सीटों पर कांग्रेस की मौजूदगी से त्रिकोणीय हो गया है। करीब एक दर्जन ऐसी सीटें हैं जहां उम्मीदवारों की भारी संख्या और त्रिकोणीय मुकाबले के कारण वोट बंटने की प्रबल संभावना है। ऐसे में ‘झालमुड़ी’ और ‘हेलीकॉप्टर’ से जुड़ा यह विवाद आदिवासी बहुल इलाकों में चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
