डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: यूरेनियम सौंपने को तैयार हुआ ईरान, शांति समझौता करीब

डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (16 अप्रैल) को दावा किया कि ईरान अमेरिका के साथ संभावित समझौते के तहत अपने समृद्ध (रिच) यूरेनियम भंडार को सौंपने पर सहमत हो गया है। उन्होंने कहा कि करीब छह सप्ताह के तनाव के बाद दोनों देश शांति समझौते के बेहद करीब पहुंच गए हैं।

Donald Trump
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अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनावपूर्ण रिश्तों में एक नाटकीय मोड़ देखने को मिला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार, 16 अप्रैल को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरान अपने ‘रिच यूरेनियम’ (संवर्धित यूरेनियम) के भंडार को अमेरिका को सौंपने पर सहमत हो गया है। ट्रंप ने अपनी विशिष्ट शैली में इसे ‘न्यूक्लियर डस्ट’ (परमाणु धूल) करार दिया और कहा कि छह सप्ताह के कड़े संघर्ष के बाद दोनों देश अब एक व्यापक शांति समझौते के बहुत करीब पहुँच चुके हैं।

ट्रंप के मुताबिक, ईरान उन शर्तों पर राजी हो गया है जिनका वह लंबे समय से कड़ा विरोध कर रहा था। इसमें न केवल परमाणु हथियार बनाने की मंशा छोड़ना और सामग्री सौंपना शामिल है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना भी समझौते का हिस्सा होगा। ट्रंप ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि ईरानी पक्ष अब लगभग हर बात पर मान चुका है और अब बस उन्हें मेज पर आकर औपचारिक हस्ताक्षर करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि समझौता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में फाइनल होता है, तो वह खुद वहां जा सकते हैं।

ईरान के साथ चल रहे दो सप्ताह के मौजूदा युद्धविराम को लेकर भी ट्रंप ने सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि शायद इस सीजफायर को आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि समाधान बहुत जल्द निकलने वाला है, हालांकि जरूरत पड़ने पर वह इसे बढ़ा भी सकते हैं। ट्रंप ने ईरान के नए नेतृत्व को ‘काफी तर्कसंगत’ बताया और उम्मीद जताई कि आने वाले कुछ दिनों में एक बहुत ही सकारात्मक और महत्वपूर्ण घोषणा हो सकती है। हालांकि, ईरान की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज है।

इसके साथ ही, ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम की भी घोषणा की, जो न्यूयॉर्क समय के अनुसार गुरुवार शाम 5 बजे (भारतीय समयानुसार आज तड़के) से प्रभावी हो गया है। इस कदम का उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव को कम करना और स्थायी शांति की राह तलाशना है। ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो को निर्देश दिया है कि वे इस दिशा में दोनों देशों के साथ मिलकर काम करें। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इस पहल का स्वागत किया है, जिससे पश्चिम एशिया में शांति की एक नई उम्मीद जागी है।

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