ऑपरेशन सिंदूर के आठ महीने बाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकियों की हलचल फिर बढ़ने लगी है। नियंत्रण रेखा (LoC) के आसपास आतंकी संगठनों की गतिविधियां तेज होने के साथ अब भारत विरोधी बयानबाज़ी भी बढ़ गई है। लश्कर-ए-तैयबा के कुख्यात कमांडर अबू मूसा कश्मीरी ने हाल ही में एक भड़काऊ भाषण देते हुए हिंदुओं को निशाना बनाने की धमकी दी और खुले मंच से टारगेट किलिंग की वकालत की।
अबू मूसा ने आतंक फैलाने की मंशा का संकेत देते हुए दावा किया कि “हिंदुओं की गर्दनें काटने से कश्मीर हासिल होगा।” उसका यह भाषण LoC से सटे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के टाटरीनोट क्षेत्र में दिया गया, जो पूंछ जिले के हजीरा तहसील (रावलाकोट) के इलाक़े में आता है। यह वही चेहरा है जिसने पिछले वर्ष पहलगाम हमले से पहले भी इसी तरह के उकसावे वाले बयान दिए थे।
24 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पहली बार देश में खुले तौर पर टारगेट किलिंग को अंजाम दिया था जिसमें आतंकियों ने लोगों के धर्म पूछकर हत्या की थी। उस हमले में 26 लोगों की हत्या हुई थी, जिनमें 25 हिंदू थे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अबू मूसा जैसे बयान हमलों से पहले कट्टर युवाओं को भड़काने और माहौल तैयार करने के लिए दिए जाते हैं।
🚨🚨🚨 Exclusive 🇵🇰👹:
— OsintTV 📺 (@OsintTV) January 14, 2026
"Yeh bheek maangne se nahi milegi; Hinduon ki Gardan'ein kaatne se azaadi milegi."
Notorious Abu Musa Kashmiri, senior LeT (JKUM) commander, speaking near LoC in Tatrinote, Hajira tehsil, Rawalakot, Poonch dist, PoJK.
He says he has told the Prime… pic.twitter.com/jGnLQPhcCi
अपने हालिया भाषण में अबू मूसा ने यह भी दावा किया कि उसने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को संदेश दिया है कि कश्मीर मुद्दा केवल जेहाद और आतंकवाद के रास्ते से ही सुलझेगा। यह बयान एक बार फिर उस रणनीति को उजागर करता है जिसे भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रखता आया है कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को आतंकवाद के ज़रिए जिंदा रखना चाहता है।
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ढांचे पर गहरा असर डाला था। संगठन भारी नुकसान और दबाव में हैं और अब दोबारा खुद को स्थापित करने और पकिस्तानी ज़मीन पर प्रासंगिक बने रहने के लिए कट्टरपंथी भाषणों का सहारा ले रहे हैं। एजेंसियों के मुताबिक आतंकियों की बौखलाहट इस बात से झलकती है कि लगभग हर दिन कोई न कोई नेता या कमांडर भारत के खिलाफ नफ़रत फैलाने वाले बयान दे रहा है।
इसी बीच भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 13 जनवरी को मानेकशॉ सेंटर में वार्षिक प्रेस वार्ता के दौरान पाकिस्तान और आतंकियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सीमा पार अब भी आठ आतंकी ट्रेनिंग कैंप सक्रिय हैं। सेना प्रमुख ने बताया कि दो कैंप इंटरनेशनल बॉर्डर के पास और छह कैंप LoC के नजदीक स्थित हैं, जिनमें लगभग 100 से 150 आतंकी मौजूद हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई पर भारत फिर से सख्त जवाब देगा और पाकिस्तान सेना या उसके आतंकियों की एक गलती भी भारी पड़ेगी।
जनरल द्विवेदी ने बताया कि उत्तरी सीमाओं पर स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, जम्मू-कश्मीर संवेदनशील जरूर है लेकिन नियंत्रण में है और ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना हर हरकत पर पैनी नजर रखे हुए है और आवश्यकता पड़ने पर फिर एक्शन लेने में देर नहीं होगी।
