उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में गुरुवार की देर शाम लखनऊ-नई दिल्ली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों ने ताबड़तोड़ पथराव कर दिया। यह घटना उस समय बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल हो गई जब सुरक्षा एजेंसियों को पता चला कि इसी ट्रेन के प्रभावित कोच में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख (सरसंघचालक) मोहन भागवत भी सफर कर रहे थे। राहत की बात यह है कि इस घटना में मोहन भागवत पूरी तरह सुरक्षित हैं और ट्रेन में सवार किसी भी अन्य यात्री को कोई चोट नहीं आई है। सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और उत्तर प्रदेश पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार शाम करीब 7:15 से 7:20 बजे के बीच की है।
यह हादसा उस समय हुआ जब ट्रेन कानपुर से दिल्ली की ओर जा रही थी। फिरोजाबाद रेल खंड के मक्खनपुर स्टेशन को पार करने के बाद रसूलपुर और दक्षिण थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित पेमेश्वर गेट के पास अचानक ट्रेन पर भारी पत्थर फेंके गए। इनमें से एक बड़ा पत्थर सीधे एग्जीक्यूटिव क्लास के E-1 कोच की खिड़की से जाकर टकराया। पत्थर के जोरदार प्रहार से सीट संख्या 50 के पास का बाहरी शीशा पूरी तरह से चटक गया। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत इसी कोच की सीट नंबर 39 और 40 पर सवार थे। गनीमत यह रही कि वे बोगी के दूसरी तरफ बैठे हुए थे, जिसके कारण मलबे और सीधे प्रहार से पूरी तरह सुरक्षित रहे।
हमले के तुरंत बाद कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए ट्रेन को बीच रास्ते में कहीं भी नहीं रोका गया और उसे सीधे अगले बड़े स्टेशन टूंडला जंक्शन के लिए रवाना किया गया। शाम 7:34 बजे जैसे ही शताब्दी एक्सप्रेस टूंडला जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर पहुंची, वहां पहले से मुस्तैद रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने ट्रेन को चारों तरफ से अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया। कड़े सुरक्षा नियमों के कारण संघ प्रमुख को ट्रेन से नीचे नहीं उतारा गया, बल्कि आला अधिकारियों ने बोगी के भीतर जाकर ही उनका हालचाल जाना। सभी आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ट्रेन को शाम 7:41 बजे दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया, जो रात 10:13 बजे सुरक्षित नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंची।
इस हाई-प्रोफाइल घटना की गंभीरता को देखते हुए आगरा जोन के एडीजी एस.के. भगत, आगरा रेंज के डीआईजी शैलेंद्र पांडे और फिरोजाबाद के एसएसपी आदित्य लांग्हे भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। एसएसपी आदित्य लांग्हे ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आरपीएफ की तहरीर पर अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ रसूलपुर थाने में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। रेलवे ट्रैक के आसपास लगे करीब 150 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद रात करीब 12 बजे तीन किशोरों की पहचान कर ली गई है। इसके साथ ही पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने जांच के दौरान यह भी स्वीकार किया कि फिरोजाबाद का यह विशेष रेल खंड पहले भी कई बार ट्रेनों पर पथराव की घटनाओं के लिए बदनाम रहा है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एसओजी (SOG), सर्विलांस और चार स्थानीय थानों की संयुक्त टीमें आरोपियों की धरपकड़ के लिए इलाके में लगातार छापेमारी कर रही हैं। भविष्य में इस तरह की खतरनाक हरकतों पर प्रभावी रोक लगाने और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
