रोहतक: हरियाणा में आईपीएस वाई पूरन की आत्महत्या के कुछ दिन बाद ही राज्य पुलिस में एक और आत्महत्या का मामला सामने आया है। एएसआई संदीप लाठर ने तीन पेज का सुसाइड नोट छोड़ते हुए खुदकुशी कर ली। इतना ही नहीं, उन्होंने मौत से पहले एक वीडियो संदेश भी जारी किया, जिसमें उन्होंने आईपीएस पूरन कुमार सिंह और कई अन्य लोगों पर भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस खुलासे से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
लाठर ने अपने सुसाइड नोट में आईपीएस वाई पूरन कुमार सिंह और कुख्यात गैंगस्टर राव इंद्रजीत का नाम लिया है। उन्होंने लिखा है कि राव इंद्रजीत ने 50 करोड़ रुपये की डील कर हत्या के एक केस से अपना नाम निकलवाया था। राव इंद्रजीत इस समय अमेरिका में है और वहीं से भारत में अपराधों को अंजाम दिलवाता है।
सुसाइड नोट में एएसआई ने वाई पूरन और उनके परिवार को भ्रष्टाचारी बताया। उन्होंने लिखा कि पूरन ने गिरफ्तारी के डर से आत्महत्या की और जातिवाद का सहारा लेकर सिस्टम को “हाईजैक” किया। लाठर ने अपनी मौत को “शहादत” बताते हुए न्याय की मांग की और कहा कि इस भ्रष्ट तंत्र को उजागर किया जाए। उन्होंने पूरन के पीएसओ सुशील कुमार पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
MASSIVE BREAKING NEWS
— Mamta Painuly Kale (@mamta_kale) October 14, 2025
Haryana ASI Sandeep Lathar commits suicide
claims that IPS officer Y Puran Kumar
was Highly corrupt and used cast card in his fever, took lot of undue advantage of his cast
He was investigating suicide case of Puran Kumar.
His suicide note and video 👇 pic.twitter.com/0RV6xf791b
इस सनसनीखेज घटनाक्रम के बाद हरियाणा पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं, एएसआई के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि पहले न्याय मिले, तभी वे आगे का कदम उठाएंगे। लाठर का शव फिलहाल उनके मामा के घर लाढ़ौत गांव में रखा गया है।
बुधवार को परिजन, ग्रामीण और खाप प्रतिनिधि एक महत्वपूर्ण बैठक करने वाले हैं, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। इस बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद एएसआई लाठर के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान परिजन भावुक होकर रो पड़े। लाठर की बेटी ने कहा, “मेरे पापा स्ट्रॉन्ग थे, मेरे दादा भी स्ट्रॉन्ग थे। उन्हें कोई डर नहीं था। वो बिल्कुल सामान्य लग रहे थे।” उसने मुख्यमंत्री से न्याय की मांग करते हुए कहा कि उसके पिता की मौत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने परिजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है और कहा कि पूरे मामले की जांच पारदर्शिता के साथ की जाएगी। इस घटना ने न केवल हरियाणा पुलिस बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया है।
