Delhi Liquor Policy Case: दिल्ली शराब नीति मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भावुक नजर आए। सभी आरोपों से बरी होने के तुरंत बाद उन्होंने अपनी पहली प्रतिक्रिया में इस पूरे मामले को आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक केस नहीं था, बल्कि उनकी व्यक्तिगत ईमानदारी पर हमला और उनकी पार्टी को खत्म करने की एक सोची-समझी कोशिश थी।
अदालत परिसर के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में केवल ईमानदारी की कमाई की है, जिसे झूठे आरोपों के जरिए मटियामेट करने की कोशिश की गई। प्रेस के सामने आते समय वे अपने आंसू नहीं रोक पाए और उन्होंने भारी मन से कहा कि आज अदालत के फैसले ने साबित कर दिया है कि वह और मनीष सिसोदिया ‘कट्टर ईमानदार’ हैं। केजरीवाल ने भारतीय न्याय प्रणाली के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें शुरू से ही अदालत पर भरोसा था कि अंततः सत्य की ही जीत होगी।
आख़िर में अधर्म और अन्याय हारता है और सच ही जीतता है।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) February 27, 2026
सत्यमेव जयते pic.twitter.com/GZghEdhJf3
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले काफी समय से जिस ‘शराब घोटाले’ का शोर मचाया जा रहा था, वह आज पूरी तरह बेनकाब हो गया है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि प्रतिद्वंद्वी दल ने आम आदमी पार्टी के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए शीर्ष नेतृत्व को जेल में डालने और बदनाम करने की साजिश रची थी, लेकिन आज के ऐतिहासिक फैसले ने उन सभी दावों की हवा निकाल दी है।
गौरतलब है कि राउज एवेन्यू कोर्ट ने न केवल अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी किया, बल्कि मामले की जांच करने वाली एजेंसी सीबीआई को भी साक्ष्यों के अभाव और कमजोर जांच के लिए कड़ी फटकार लगाई है। अदालत के इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है और पार्टी इसे अपनी सबसे बड़ी नैतिक और कानूनी जीत के रूप में देख रही है।
