Prayagraj Weather Today: संगम नगरी इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। अप्रैल खत्म होने से पहले ही तापमान ने मई-जून जैसी तपिश का अहसास कराना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को प्रयागराज में अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान है और पिछले 11 वर्षों में अप्रैल महीने के सबसे ऊंचे तापमानों में शामिल हो गया है।
लगातार दूसरे दिन प्रयागराज उत्तर प्रदेश का सबसे गर्म जिला बना रहा। सुबह 10 बजे से ही तेज गर्म हवाओं (लू) ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया था। दोपहर तक तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिसके बाद सड़कों पर सन्नाटा छा गया। गर्मी का असर इतना तेज था कि पेड़-पौधे भी मुरझाए हुए नजर आए।
दोपहर के समय हालात और भी खराब हो गए। लोग धूप से बचने के लिए सिर और चेहरा ढककर बाहर निकलते दिखे, जबकि रिक्शा चालक और सड़क किनारे दुकानदार छांव और ठंडक की तलाश में नजर आए। घरों के अंदर भी पंखे और कूलर तेज गर्मी के सामने बेअसर साबित हुए।
गुरुवार को भी तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, लेकिन शुक्रवार को गर्म हवाओं ने हालात और अधिक गंभीर बना दिए। रात के समय भी लू का असर बना रहा, जिससे सुबह की शुरुआत भी गर्म हवाओं के साथ हुई।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले तीन दिन और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। सोमवार तक हीटवेव की स्थिति बनी रहने की संभावना है और तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि हवा में नमी का स्तर बेहद कम होकर 14 प्रतिशत तक गिर गया, जो इस सीजन का सबसे निचला स्तर है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वायुमंडलीय एवं समुद्र अध्ययन केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार कम आर्द्रता और तेज गर्म हवाओं का मेल लू को और खतरनाक बना रहा है, जिससे दोपहर में बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
गर्मी का असर केवल प्रयागराज तक सीमित नहीं है। आगरा में 44 डिग्री, बांदा में 44.2 डिग्री, अलीगढ़ में 43.4 डिग्री और वाराणसी में 42.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। हालांकि, सबसे गंभीर स्थिति प्रयागराज की बनी हुई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यही हालात बने रहे तो आने वाले दिनों में तापमान पुराने रिकॉर्ड को भी पार कर सकता है।
