US-Iran Peace Talks Islamabad: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को कम करने की दिशा में शनिवार को एक बड़ा कदम उठाया गया है, जब ईरान और अमेरिका पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दूसरे दौर की शांति वार्ता के लिए सहमत हो गए। यह बातचीत ईरान-हिजबुल्लाह संघर्ष-विराम की अवधि को तीन सप्ताह के लिए बढ़ाए जाने के ठीक एक दिन बाद शुरू हो रही है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महत्वपूर्ण चर्चा के लिए अपने दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर को इस्लामाबाद भेजा है, जबकि ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची कमान संभाल रहे हैं। हालांकि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद उपजा तनाव अभी पूरी तरह शांत होता नहीं दिख रहा है।
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अमेरिकी दूत ईरानी प्रतिनिधियों के साथ आमने-सामने बैठकर चर्चा करेंगे, ताकि किसी ठोस समझौते पर पहुंचा जा सके। हालांकि, ईरानी सरकारी मीडिया ने सीधी बातचीत की संभावनाओं से फिलहाल इनकार किया है।
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— Ministry of Foreign Affairs – Pakistan (@ForeignOfficePk) April 24, 2026
Visit of the Iranian Delegation to Pakistan
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व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने उम्मीद जताई है कि यह वार्ता सार्थक होगी और शांति की दिशा में कुछ प्रगति देखने को मिलेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस फिलहाल इस यात्रा का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन वे वाशिंगटन से पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं।
इस्लामाबाद में हो रही यह चर्चा वास्तव में दूसरे दौर की वार्ता है, क्योंकि इससे पहले 11-12 अप्रैल को हुई पहले दौर की बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी थी। उस समय तीन मुख्य मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई थी, जिनमें ईरान का परमाणु भविष्य और यूरेनियम संवर्धन, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और लेबनान में चल रहा युद्ध शामिल था।
ईरान ने यूरेनियम संवर्धित करने के अपने अधिकार को बरकरार रखा है, लेकिन संकेत दिए हैं कि वह संवर्धन के स्तर पर समझौते के लिए तैयार हो सकता है। अराघची पाकिस्तान के बाद इस मुद्दे पर रूस और ओमान के प्रतिनिधियों से भी चर्चा करेंगे।
