वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने पिछले साल मई में भारत और पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी थी कि अगर दोनों देश सैन्य टकराव नहीं रोकते तो उन पर 200 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ लगा दिया जाएगा। अमेरिका में ‘बोर्ड ऑफ पीस’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि उस संघर्ष के दौरान 11 लड़ाकू विमान गिराए गए थे, जबकि पहले वह अलग-अलग संख्या बताते रहे हैं—कभी 7 तो कभी 8।
ट्रंप ने दोहराया कि उनके हस्तक्षेप से दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच तनाव खत्म हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि व्हाइट हाउस में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले साल में ही उन्होंने आठ युद्ध समाप्त कराए हैं।
भारत का रुख क्या?
भारत लगातार किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से इनकार करता रहा है। कार्यक्रम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मौजूद थे। ट्रंप ने मंच से उनका जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी बात की थी और दोनों देशों के बीच तनाव बड़ा मुद्दा था। उन्होंने शरीफ को खड़े होने के लिए कहा और भारत-पाकिस्तान समझौते का उल्लेख किया।
‘2.5 करोड़ लोगों की जान बचाई’
ट्रंप ने दावा किया कि शरीफ ने कहा था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोककर 2.5 करोड़ लोगों की जान बचाई। इससे पहले ट्रंप एक करोड़ लोगों की जान बचाने का दावा भी दोहरा चुके हैं। उन्होंने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज आसिम मुनीर की भी सराहना की और उन्हें ‘महान’ बताया।
Trump to Pak PM- Stand up
— Frontalforce 🇮🇳 (@FrontalForce) February 20, 2026
Shahbaz Sharif immediately stands up 🤣🤣pic.twitter.com/YwMljX6gsF
टैरिफ की धमकी दोहराई
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों से फोन पर बात की और साफ शब्दों में कहा कि अगर वे लड़ाई जारी रखते हैं तो अमेरिका उनके साथ व्यापार बंद कर देगा और 200 प्रतिशत शुल्क लगा देगा। उनके मुताबिक, “जब बहुत सारा पैसा खोने की बात आई, तो उन्होंने कहा कि वे लड़ना नहीं चाहते।” उन्होंने दावा किया कि दो-तीन दिनों में समझौता हो गया।
‘11 लड़ाकू विमान गिरे’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि संघर्ष के दौरान 11 महंगे लड़ाकू विमान मार गिराए गए थे और दोनों पक्ष इसमें शामिल थे। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये विमान किस देश के थे। ट्रंप ने पिछले साल 10 मई के बाद से भारत-पाकिस्तान संघर्ष रोकने का श्रेय 80 से अधिक बार लिया है और सोशल मीडिया पर ‘पूर्ण और तत्काल’ संघर्ष विराम का दावा किया था।
गौरतलब है कि भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था और पाकिस्तान तथा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचों को निशाना बनाया था।
