Monsoon 2026: अल-नीनो की चुनौतियों और परिस्थितियों के बावजूद दक्षिण-पश्चिम मॉनसून देश में मूसलाधार बारिश करवाता हुआ बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है। मॉनसून अब तक महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्यों को अपने घेरे में ले चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आगामी सात दिन कई राज्यों के लिए काफी भारी साबित हो सकते हैं। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, सिक्किम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, नागालैंड, मेघालय और पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका व्यक्त की गई है। इसके साथ ही, मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली-एनसीआर में भी पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते बारिश का अलर्ट जारी किया है। आगामी 11 से 12 जून के बीच उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि होने की संभावना है।
इन राज्यों में जल्द होगी मॉनसून की दस्तक, 5 जुलाई तक पूरे देश में कवरेज
मॉनसून की रफ्तार को देखते हुए अनुमान है कि यह अगले कुछ ही दिनों में पूर्वोत्तर के शेष बचे हुए हिस्सों को पूरी तरह कवर कर लेगा। इसके अतिरिक्त, दो से तीन दिनों के भीतर इसके ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के सभी क्षेत्रों में सक्रिय होने की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 5 जुलाई तक मॉनसून पूरे देश को अपने प्रभाव में ले लेगा। वर्तमान में महाराष्ट्र के एक बड़े हिस्से में मॉनसून पहुंच चुका है, जिसके कारण वहां झमाझम बारिश का दौर जारी है।
पश्चिमी विक्षोभ के चलते पर्वतीय और मैदानी इलाकों में बदलेगा मौसम
मौसम विभाग द्वारा जारी नवीनतम अपडेट के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से अगले तीन से चार दिनों के भीतर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के मौसम में बड़ा बदलाव आएगा और 9 से 14 जून के बीच इन राज्यों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा, 10 से 14 जून के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी राजस्थान में भी मौसम करवट लेगा और धूलभरी आंधी के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और गिलगित-बाल्टिस्तान में 11 और 12 जून को तेज रफ्तार हवाओं के साथ भारी वर्षा हो सकती है। वहीं दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के इलाकों में 11 और 12 जून को तेज धूलभरी आंधी चलने की आशंका है, जिस दौरान हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में आंधी-बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 10 से 14 जून के बीच बारिश का एक नया दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 9 से 14 जून के मध्य मध्यम से भारी वर्षा देखने को मिल सकती है। बिहार की बात करें तो 10 जून के बाद राजधानी पटना सहित सिवान, भागलपुर और मुंगेर जैसे जिलों में मध्यम स्तर की बारिश होने के आसार हैं। झारखंड, बिहार और गंगा के मैदानी इलाकों में 10 से 15 जून के बीच गरज-चमक और तेज आंधी के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।
दिल्ली में आंधी के बाद गिरेगा पारा
राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुई छिटपुट बारिश से कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर आंशिक राहत महसूस की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सुबह साढ़े आठ बजे तक बीते 24 घंटों में केवल पालम और आयानगर वेधशालाओं में ही हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, जबकि सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच अन्य किसी भी स्टेशन पर वर्षा रिकॉर्ड नहीं की गई। आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, 10 जून तक दिल्ली का अधिकतम तापमान धीरे-धीरे बढ़कर 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि, इसके बाद 11 जून से चलने वाली तेज आंधी और संभावित बारिश के कारण तापमान में एक बार फिर गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे दिल्लीवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
