संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च को लेकर भारी हंगामा और टकराव देखने को मिला है। नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या के विरोध में चल रहे आंदोलन के तहत सोमवार सुबह जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने संसद की तरफ बढ़ने की कोशिश की, वहां तैनात पुलिस और सुरक्षा बलों ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इस हिंसक झड़प से ठीक पहले, मशहूर टीवी सीरियल ‘FIR’ फेम अभिनेत्री कविता कौशिक ने ठीक इसी तरह की कार्रवाई का अंदेशा जताते हुए दिल्ली पुलिस से एक बेहद भावुक वीडियो अपील साझा की थी, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
अभिनेत्री कविता कौशिक ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक मिनट का वीडियो संदेश साझा करते हुए दिल्ली पुलिस के जवानों को उनकी ‘अंतरात्मा की आवाज’ सुनने की सलाह दी है। उन्होंने बेहद संवेदनशील लहजे में कहा कि पुलिस विभाग के लोगों के भी अपने परिवार, मां-बाप, भाई-बहन और बच्चे होते हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि कल को भगवान न करे अगर उनके किसी पारिवारिक सदस्य को कोई मेडिकल इमरजेंसी हो, तो उन्हें इलाज के लिए कोई फर्जी डॉक्टर न मिले बल्कि एक असली और काबिल डॉक्टर उनकी जान बचा सके, बस इसी मकसद के लिए ये छात्र पटरियों और सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट कर रहे हैं। कविता ने पुलिस से हाथ जोड़कर निवेदन किया कि आदेश चाहे जो भी मिले, लेकिन वे अपने ही देश के मासूम बच्चों और नागरिकों पर लाठियां न भांजें और अपने बल का प्रदर्शन इन निहत्थे छात्रों के सामने न करें।
इस बीच, जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक अमला बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है। नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि इस प्रस्तावित मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई है और पूरे नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू है। इसके बावजूद सोमवार सुबह करीब 9 बजे हजारों की संख्या में छात्र और प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जमा हो गए। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने लुटियंस जोन में भारी बैरिकेडिंग करने के साथ ही वॉटर कैनन (पानी की बौछार करने वाली गाड़ियां) तैनात कर दी थीं और पांच प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को भी बंद कर दिया था। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित स्थल से आगे बढ़ने का प्रयास किया, पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठियां बरसानी शुरू कर दीं, जिसमें कई छात्रों के चोटिल होने की खबर है।
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी का यह संसद मार्च देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) में हुई धांधली के खिलाफ चल रही भूख हड़ताल के 23वें दिन आयोजित किया गया है। प्रदर्शनकारी छात्र लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पूरी जवाबदेही तय करने की मांग पर अड़े हुए हैं। इस आंदोलन की शुरुआत लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सीजेपी अध्यक्ष अभिजीत दिपके के साथ मिलकर की थी। सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे थे, जिन्हें शनिवार को भूख हड़ताल के 21वें दिन दिल्ली पुलिस ने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जबरन जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया था। वांगचुक के अस्पताल जाने के बाद भी अन्य छात्रों और प्रदर्शनकारियों का हौसला नहीं टूटा है और वे अस्पताल से मिले उनके संदेश के बाद आज भारी संख्या में संसद घेराव के लिए पहुंचे थे।
