राजधानी दिल्ली में आग से होने वाले हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन इलाके में गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात एक पांच मंजिला रिहायशी इमारत में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें एक 22 साल का युवक और दो महिलाएं शामिल हैं। वहीं, पूरी बिल्डिंग में जहरीला धुआं भरने की वजह से कई अन्य लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
दमकल विभाग के अनुसार, रात करीब 2 बजकर 25 मिनट पर उन्हें तुगलकाबाद की गली नंबर-1, नया तारा अपार्टमेंट के पास इस आग की सूचना मिली थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए दमकल की कई गाड़ियाँ तुरंत मौके पर पहुंचीं। दिल्ली पुलिस को भी रात 2 बजकर 24 मिनट पर थाना गोविंदपुरी में इस हादसे की पीसीआर कॉल मिली, जिसके बाद एसएचओ, एसीपी, एडिशनल डीसीपी और डीसीपी साउथ ईस्ट समेत आला अधिकारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे और संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
शुरुआती जांच और दिल्ली पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह आग घर के ग्राउंड फ्लोर पर बने पार्किंग एरिया में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी। आशंका जताई जा रही है कि ग्राउंड फ्लोर पर एक इलेक्ट्रिक स्कूटर चार्जिंग पर लगा हुआ था, जिसमें शॉर्ट सर्किट हुआ और देखते ही देखते आग ने वहां खड़े अन्य वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। पार्किंग एरिया में खड़ी 3 स्कूटी, 2 बाइक और 1 साइकिल समेत कुल 7 दोपहिया वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए। हालांकि, आग लगने की असल और पुख्ता वजह विस्तृत जांच के बाद ही साफ हो पाएगी।
पार्किंग में खड़े वाहनों में आग लगने की वजह से पूरी पांच मंजिला बिल्डिंग में बेहद घना और जहरीला धुआं फैल गया, जिसके कारण लोग अंदर ही फंस गए। आग और धुआं ग्राउंड फ्लोर से लेकर 5वीं मंज़िल तक पहुंच गया, जिससे इमारत की ग्राउंड, पहली और दूसरी मंजिल पूरी तरह जल गई हैं, जबकि बाकी फ्लोर आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। दमकल कर्मियों (DFS) और पुलिस की टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत इमारत की छत का रुख किया। दमकल कर्मियों ने छत के गेट का ताला काटा और बिल्डिंग के अंदर दाखिल होकर वहां फंसी 2 लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिन्हें कैट्स (CATS) और पीसीआर के जरिए तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
दमकल विभाग के एडीडीओ यशवंत मीणा ने बताया कि सुबह करीब 3 बजकर 45 मिनट पर आग पर नियंत्रण पाया जा सका, जिसके बाद भी तलाशी और बचाव अभियान लगातार जारी रखा गया और सुबह 4 बजे तक आग को पूरी तरह से बुझा लिया गया। इस संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान धुएं में फंसे 8 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर तुरंत सफदरजंग अस्पताल और एम्स (AIIMS) ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। अस्पताल में जांच के बाद एक 22 वर्षीय युवक और दो महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि दो अन्य लोगों की हालत अभी भी बेहद गंभीर बनी हुई है। फिलहाल पुलिस और फायर विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं और इस पूरे हादसे के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है।
