India Shrimp Export: भारतीय सीफूड निर्यात ने बनाया नया रिकॉर्ड, फ्रोजन झींगा की अमेरिकी और चीनी बाजारों में भारी मांग

India Shrimp Export: वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के फ्रोजन झींगा निर्यात ने नया रिकॉर्ड बनाया। अमेरिका सबसे बड़ा खरीदार बना रहा, जबकि चीन से मांग में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। जानें समुद्री खाद्य निर्यात, MPEDA के आंकड़े और सरकार की नई निर्यात रणनीति।

भारत के फ्रोजन झींगा निर्यात ने बनाया नया रिकॉर्ड (Image: Pexels)
भारत के फ्रोजन झींगा निर्यात ने बनाया नया रिकॉर्ड (Image: Pexels)

नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के फ्रोजन झींगा (फ्रोजन श्रिम्प) निर्यात ने नया रिकॉर्ड बनाया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत वाणिज्य विभाग के अनुसार, चीन से बढ़ती मांग और वैश्विक बाजारों में भारतीय समुद्री उत्पादों की मजबूत मौजूदगी ने इस उपलब्धि में अहम भूमिका निभाई। वहीं, अमेरिका भारतीय फ्रोजन झींगा का सबसे बड़ा निर्यात बाजार बना रहा।

वाणिज्य विभाग ने कहा कि यह प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय समुद्री खाद्य उत्पादों की लगातार बढ़ती मांग और उनकी प्रतिस्पर्धी क्षमता को दर्शाता है।

अमेरिका रहा सबसे बड़ा खरीदार, चीन बना ग्रोथ इंजन

विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत का फ्रोजन झींगा निर्यात अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान अमेरिका को 1.61 अरब डॉलर मूल्य का फ्रोजन झींगा निर्यात किया गया, जिससे वह भारत का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बना रहा।

वहीं, चीन इस क्षेत्र में प्रमुख ग्रोथ इंजन के रूप में उभरा। चीन को भारतीय फ्रोजन झींगा का निर्यात बढ़कर 94.16 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया।

निर्यात बढ़ाने पर सरकार का फोकस

ये आंकड़े ऐसे समय सामने आए हैं, जब केंद्र सरकार समुद्री खाद्य उत्पादों के निर्यात बाजारों में विविधता लाने और वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिस्पर्धी क्षमता को मजबूत करने पर जोर दे रही है।

इसी दिशा में सरकार ने इस महीने की शुरुआत में विशाखापत्तनम में दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ आयोजित किया। इसमें समुद्री खाद्य उद्योग, निर्यातकों और विभिन्न राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य समुद्री खाद्य निर्यात बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक रणनीति और रोडमैप तैयार करना था।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा समुद्री खाद्य निर्यात

समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) के अध्यक्ष के. एस. श्रीनिवास के अनुसार, चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत का समुद्री खाद्य निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में 19,72,018 टन तक पहुंच गया। इसका कुल मूल्य 73,890.46 करोड़ रुपये यानी 8.46 अरब डॉलर रहा, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में वैल्यू एडेड समुद्री खाद्य उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले वर्षों में निर्यात वृद्धि बनाए रखने के लिए नए बाजारों तक पहुंच बनाना सरकार और उद्योग की प्रमुख रणनीति रहेगी।

गुणवत्ता और बाजार विस्तार पर जोर

वाणिज्य मंत्रालय दीर्घकालिक निर्यात रणनीति के तहत मत्स्य पालन विभाग और एमपीईडीए के साथ मिलकर गुणवत्ता मानकों को मजबूत करने, निर्यात बुनियादी ढांचे में सुधार, नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बढ़ाने और वैल्यू एडेड समुद्री खाद्य उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। इससे भारतीय समुद्री उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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