ढाका: बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने दोनों देशों से मतभेदों को पीछे छोड़कर आपसी रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की है। उन्होंने यह बात ढाका में बांग्लादेश के प्रमुख बिजनेस लीडर्स और कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के दौरे पर आए प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। इस कार्यक्रम में बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम और सीआईआई के डायरेक्टर जनरल चंद्रजीत बनर्जी ने भी अपने विचार रखे।
‘अतीत को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ें’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि दोनों देशों को एकजुट होकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा, “बांग्लादेश और भारत दोनों ही देश उम्मीदों से भरे हैं, जहां के युवा नए अवसरों, खुशहाली और बेहतर भविष्य की तलाश में हैं। मैं यह नहीं कह रहा कि आप अतीत को भूल जाएं, लेकिन अतीत को ध्यान में रखते हुए पुरानी बातों और मतभेदों को सुलझाएं और आगे बढ़ें। एक ही जगह पर न रुकें।”
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी के लिए बेहतर मौके पैदा करने के लिए दोनों देशों का साथ मिलकर काम करना बेहद जरूरी है।
भरोसे को बताया रिश्तों की नींव
उच्चायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी लंबे समय तक चलने वाले रिश्ते की नींव आपसी और बिना शर्त भरोसा होती है। उन्होंने कहा, “सच्चे दोस्त एक-दूसरे की समस्याओं को समझते हैं।” उन्होंने स्वीकार किया कि दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दे मौजूद हैं, लेकिन बातचीत और संवाद के जरिए इन मतभेदों को सुलझाया जा सकता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व और प्रधानमंत्रियों की मुलाकात के बाद इन लंबित मुद्दों को निश्चित रूप से सुलझा लिया जाएगा।
भारत यात्रा और सम्मानजनक स्वागत का आश्वासन
भारतीय उच्चायुक्त ने ढाका में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई अपनी बैठक का जिक्र किया। उन्होंने बांग्लादेशी नेतृत्व (तारिक रहमान) को भारत के प्रधानमंत्री की ओर से आश्वासन देते हुए कहा कि जब भी बांग्लादेश के प्रधानमंत्री भारत की यात्रा पर आएंगे, उनका वैसा ही सम्मानजनक और ऐतिहासिक स्वागत किया जाएगा जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने कहा कि यह दौरा दोनों देशों के नागरिकों और व्यापारिक समुदायों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा।
