होर्मुज के पास अमेरिकी सेना का दूसरा हमला, खाड़ी में तनाव चरम पर; ईरान ने दी अंजाम भुगतने की चेतावनी

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर शांति वार्ता जारी है, लेकिन इसी बीच अमेरिकी सेना ने पिछले 48 घंटों में दूसरी बार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित एक ईरानी सैन्य ठिकाने पर हमला कर दिया।

होर्मुज के पास अमेरिका का दूसरा हमला
होर्मुज के पास अमेरिका का दूसरा हमला

Strait of Hormuz Crisis: अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए चल रही शांति वार्ता के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने पिछले 48 घंटों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के पास स्थित एक ईरानी सैन्य ठिकाने पर दूसरा हमला कर दिया है। ईरान ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे दोनों देशों के बीच हुए संघर्षविराम का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। वहीं, अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि यह कार्रवाई ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा पिछले 24 घंटों में किए गए मिसाइल, ड्रोन और छोटी नावों के हमलों के सीधे जवाब में की गई है।

दोनों देशों के बीच यह सैन्य टकराव ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत में मीडिया से कहा कि युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौता एक-दो दिनों में अंतिम रूप ले सकता है। उनके मुताबिक, वार्ताकार अब केवल एक शब्द या एक वाक्य के मतभेदों को सुलझाने में लगे हैं। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल द्वारा संयुक्त रूप से किए गए हमलों से हुई थी, जिसके बाद 8 अप्रैल 2026 से एक अस्थायी संघर्षविराम लागू है।

ताजा घटनाक्रम के बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने अमेरिकी विमानों की मौजूदगी के दौरान कई सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें दागीं। साथ ही ईरानी ड्रोन और नावें समुद्री बारूद (माइंस) बिछाने की कोशिश कर रही थीं, जो अमेरिकी जहाजों के लिए बड़ा खतरा थीं। दूसरी तरफ, IRGC और ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संघर्षविराम तोड़ा है और इस शत्रुतापूर्ण कृत्य के सभी परिणामों के लिए अमेरिकी शासन खुद जिम्मेदार होगा। इसके साथ ही IRGC ने एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराने और एक F-35 लड़ाकू विमान को खदेड़ने का भी दावा किया है।

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति वार्ता में दो नई शर्तें जोड़ दी हैं, जिसने तनाव को और बढ़ा दिया है। पहली शर्त के तहत ट्रंप ने कतर, सऊदी अरब और पाकिस्तान जैसे मुस्लिम देशों से इजरायल के साथ शांति समझौते (अब्राहम अकॉर्ड्स) में शामिल होने के लिए कहा है। हालांकि, अरब के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस पैकेज डील को खारिज करते हुए कहा कि पहली प्राथमिकता युद्ध रोकना और होर्मुज मार्ग को खोलना होना चाहिए। दूसरी शर्त में ट्रंप ने मांग की है कि ईरान के भीतर मौजूद संवर्धित यूरेनियम के स्टॉक को या तो अमेरिका को सौंप दिया जाए या फिर परमाणु ऊर्जा आयोग (AEC) की निगरानी में नष्ट किया जाए।

इन नई शर्तों और हमलों के बीच, अपने दिवंगत पिता की जगह लेने के बाद से सार्वजनिक रूप से न दिखने वाले ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने सोशल मीडिया पर अमेरिका को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने लिखा कि समय का चक्र अब पीछे नहीं लौटेगा और क्षेत्र के देश अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए ढाल का काम नहीं करेंगे। यदि इस गतिरोध के बाद भी दोनों देशों के बीच सहमति बन जाती है तो यह युद्ध समाप्त हो सकता है और ईरान द्वारा बंद किया गया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का व्यापारिक मार्ग फिर से खुल जाएगा। इसके बाद पूर्ण शांति समझौते के लिए दोनों पक्षों को 60 दिनों का समय मिलेगा।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2026 Breaking News Wale - Latest Hindi News by Breaking News Wale