अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) के जरिए विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी और मुख्यधारा के मीडिया पर तीखा हमला बोला। ट्रंप ने साफ कर दिया कि ईरान के साथ चल रहे इस भीषण युद्ध में उन पर समझौते के लिए कोई दबाव नहीं है और वे अपनी शर्तों पर ही इस संघर्ष को खत्म करेंगे। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब 14 दिनों का युद्धविराम बुधवार, 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है।
“हम जीत रहे हैं, कोई दबाव नहीं”
ट्रंप ने अपने पोस्ट में उन खबरों को ‘फेक न्यूज’ करार दिया जिनमें कहा जा रहा था कि वे समझौते के लिए जल्दबाजी में हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान को भारी नुकसान पहुँचाया है और वे यह जंग “बड़े अंतर से” जीत रहे हैं।
ट्रंप ने लिखा, “मैं फेक न्यूज में पढ़ रहा हूं कि मुझ पर डील करने का ‘दबाव’ है। यह बिल्कुल झूठ है! मुझ पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं है, हालांकि सब कुछ बहुत जल्द सुलझ जाएगा। समय मेरा दुश्मन नहीं है।”

हॉर्मुज की नाकाबंदी रहेगी जारी
राष्ट्रपति ने स्पष्ट संदेश दिया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी तब तक नहीं हटाई जाएगी जब तक कि तेहरान के साथ कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता। उन्होंने यहाँ तक कहा कि इस नाकाबंदी ने ईरान को पूरी तरह से “तबाह” कर दिया है और दुनिया के अन्य देश अब तेल के लिए अमेरिका की ओर रुख कर रहे हैं। ट्रंप ने दोहराया कि जो नया समझौता होगा, वह 2015 के ‘दोषपूर्ण’ परमाणु समझौते (JCPOA) से कहीं ज्यादा बेहतर और स्थायी होगा।
डेमोक्रेट्स पर ‘गद्दारी’ का आरोप
ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी पर देश की मजबूत स्थिति को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए उन्हें ‘गद्दार’ (Traitors) तक कह डाला। उन्होंने लिखा कि ये वही “कमजोर और दयनीय” डेमोक्रेट्स हैं जो सालों से ईरान के खतरे की बात करते थे, लेकिन अब जब ट्रंप प्रशासन कार्रवाई कर रहा है, तो वे सेना की उपलब्धियों को कम आंक रहे हैं। ट्रंप ने अपनी छह सप्ताह की सैन्य कार्रवाई की तुलना प्रथम और द्वितीय विश्व युद्धों से करते हुए इसे “कहीं अधिक तेज और प्रभावी” बताया।
इंतजार या पूर्ण युद्ध?
युद्धविराम खत्म होने में अब 24 घंटे से भी कम समय बचा है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे दौर की बातचीत ही अब एकमात्र कूटनीतिक रास्ता बची है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वहाँ पहुँच रहा है, लेकिन ट्रंप के तेवरों से साफ है कि वे ईरान को पूरी तरह झुकने पर मजबूर करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के परमाणु ठिकानों (Operation Midnight Hammer) को नष्ट करने के बाद अब पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।
ट्रंप ने अंत में ईरान के नए नेताओं को सलाह देते हुए कहा कि यदि वे “समझदारी” दिखाते हैं और परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह छोड़ देते हैं, तो ईरान का भविष्य समृद्ध हो सकता है, अन्यथा अमेरिका इस युद्ध को “सही तरीके से” खत्म करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
