अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे गंभीर तनाव के बीच एक नया कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। ईरान ने ओमान और होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) के पास भारतीय कमर्शियल जहाजों पर हुए अमेरिकी हमलों की बेहद तीखे शब्दों में निंदा की है। इन हमलों में तीन भारतीय नागरिकों की दुखद मौत हुई है, जिसे लेकर ईरान के विदेश मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाया है और इन हमलों को सीधे तौर पर ‘हथियारबंद लूट’ और ‘सरकारी समुद्री डकैती’ करार दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने मारे गए भारतीय नाविकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अमेरिका को इस कृत्य के लिए जिम्मेदार ठहराने की पुरजोर अपील की है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी करते हुए लिखा कि भारतीय कमर्शियल जहाजों पर अमेरिका के इस बर्बर हमले में कम से कम तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि ये हमले हथियारबंद लूट और सरकारी समुद्री डकैती की अमेरिका की जारी नीति का एक स्पष्ट और प्रत्यक्ष सबूत हैं। बाकेई ने आगे कहा कि वे इस हादसे में मारे गए भारतीय नाविकों के परिवारों और दोस्तों के प्रति अपनी पूरी सहानुभूति व्यक्त करते हैं और इसके साथ ही भारत के लोगों व भारत सरकार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हैं।
The brutal U.S. attacks on Indian commercial vessels which have killed at least three Indian nationals, stand as clear evidence of America’s ongoing policy of armed robbery and State piracy.
— Esmaeil Baqaei (@IRIMFA_SPOX) June 11, 2026
We extend our sympathies to the families and friends of the slain Indian sailors and…
इस पूरे घटनाक्रम में एक खास बात यह रही कि ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने तो भारत के पक्ष में खड़े होकर अमेरिका पर सीधा निशाना साधा है, लेकिन इस हमले के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान में सीधे तौर पर अमेरिका का नाम नहीं लिया गया था। हालांकि, भारत सरकार ने नई दिल्ली में अमेरिकी राजनयिक को तलब कर इस बेहद गंभीर मामले में अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
दूसरी तरफ, ईरान ने इस पूरे मुद्दे को वैश्विक स्तर पर उठाते हुए अमेरिका के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होने की अपील कर दी है। ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बाकेई का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अमेरिका को उसके इस गैर-कानूनी व्यवहार के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए, क्योंकि यह न सिर्फ वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर नेविगेशन की आजादी को भी बुरी तरह खतरे में डाल रहा है।
इससे पहले, भारतीय विदेश मंत्रालय ने ओमान के तट पर एक कमर्शियल जहाज पर हुए इस जानलेवा हमले की कड़े शब्दों में निंदा की थी। 10 जून को जारी किए गए अपने आधिकारिक बयान में मंत्रालय ने कहा था कि हम ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज ‘सेटेबेलो’ पर हुए हमले की निंदा करते हैं; जहाज पर मौजूद कुल 24 भारतीय क्रू मेंबर्स में से अब तक 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 3 भारतीय नाविक लापता हैं। हालांकि, बाद में खोजी अभियान के दौरान उन तीनों लापता भारतीयों के शव बरामद कर लिए गए थे।
भारत ने इस पूरे समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा की व्यापक स्थिति पर गहरी चिंता जताई थी और कहा था कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की लगातार हो रही ये घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। भारत सरकार ने इस दौरान क्षेत्र में बढ़ते तनाव को तुरंत कम करने और कूटनीतिक समाधान निकालने के लिए चल रही बातचीत को जल्द पूरा करने की अपनी अपील को भी दोहराया था, ताकि इस महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र में शांति और स्थिरता दोबारा लौट सके।
