ईरान-अमेरिका में आर-पार! युद्धविराम उल्लंघन का आरोप, तेहरान ने कहा— ‘भरोसे के लायक नहीं वॉशिंगटन’

ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते की चर्चाओं के बीच एक बार फिर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने ताजा सैन्य कार्रवाई करते हुए ईरान के होर्मुज और बंदरअब्बास इलाके में मिसाइल ठिकानों और ईरानी नौसेना की नावों को निशाना बनाया है।

Mojtaba Khamenei
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तेहरान/वॉशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। दक्षिणी ईरान में अमेरिकी सेना द्वारा किए गए हमलों के बाद तेहरान ने अमेरिका पर युद्धविराम तोड़ने और बदनीयती दिखाने का आरोप लगाया है। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि वह इस हमले का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेगा। इस बीच लंबे समय से बंद इंटरनेट सेवाओं को अब धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य, तेल सप्लाई और युद्धविराम वार्ता को लेकर इस समय पूरी दुनिया की नजरें खाड़ी क्षेत्र पर टिक गई हैं।

अमेरिकी सेना ने सोमवार को दक्षिणी ईरान में कुछ ठिकानों पर हमला किया था। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह रक्षात्मक थी, जिसके तहत मिसाइल लॉन्च साइट्स और बारूदी सुरंग बिछाने वाली नौकाओं को निशाना बनाया गया। अमेरिका ने दावा किया कि उसने संयम के साथ यह कदम उठाया है, लेकिन ईरान ने इसे सीधे तौर पर युद्धविराम का उल्लंघन करार दिया। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका भरोसे के लायक नहीं है और अब इसके हर परिणाम की जिम्मेदारी वॉशिंगटन की होगी। इसी बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने यह भी दावा किया कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में घुसे एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है, जबकि एक अन्य ड्रोन और लड़ाकू विमान को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।

दोनों देशों के बीच कतर में बातचीत चल रही थी, जिसका मुख्य मकसद युद्धविराम को आगे बढ़ाना और हालात को सामान्य करना था, लेकिन ताजा हमलों के बाद स्थिति फिर से नाजुक हो गई है। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, देश के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची कतर से वापस लौट चुके हैं। दूसरी तरफ अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर बातचीत में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं।

इस सैन्य तनाव के बीच ईरान में कई महीनों से बंद इंटरनेट सेवाओं को अब धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है। सुरक्षा कारणों से उठाए गए इस कदम की वजह से ईरान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेट पूरी तरह बंद रहने से ईरान की अर्थव्यवस्था को हर दिन 3 से 4 करोड़ डॉलर तक का नुकसान हुआ है। इसके अलावा, ईरान ने इस्राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में गुलामरेजा खानी शकराब नामक व्यक्ति को फांसी दे दी है, जिस पर लोगों की भर्ती करने का आरोप था।

तनाव की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी दुनिया की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इसी समुद्री रास्ते से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल और गैस सप्लाई हासिल करता है। ईरान ने इस रास्ते को काफी हद तक बंद कर दिया था, लेकिन अब वह सीमित जहाजों को शुल्क वसूल कर गुजरने दे रहा है। रिवोल्यूशनरी गार्ड का दावा है कि पिछले 24 घंटे में यहाँ से 25 जहाजों को गुजरने दिया गया। ओमान की खाड़ी में मंगलवार को एक टैंकर में धमाके की खबर भी सामने आई है, जिससे वैश्विक बाजारों में चिंता और ज्यादा बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर खाड़ी क्षेत्र में हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले वर्षों में दुनिया के सामने खाद्य संकट गहरा सकता है।

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