तेहरान से अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान को तेल बेचने से रोका गया, तो क्षेत्र में कोई अन्य देश भी तेल नहीं बेच पाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति अब युद्ध से पहले जैसी नहीं होगी।
गालिबाफ का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी जहाज पर मिसाइल, रॉकेट या किसी अन्य माध्यम से हमला किया, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई में ईरान के किसी पुल या पावर प्लांट को निशाना बनाएगा।
ईरानी संसद के स्पीकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “इस युद्ध का समीकरण साफ है: या तो सब या कोई नहीं। जिस इलाके में हम तेल नहीं बेचेंगे, वहां कोई और भी तेल नहीं बेच पाएगा। अगर हमारी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई, तो कोई भी इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित नहीं रहेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा तभी संभव है, जब अमेरिकी सेनाएं इस क्षेत्र से दूर रहें।
गालिबाफ ने कहा कि ईरान लगातार यह कहता रहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में हालात युद्ध से पहले वाली स्थिति में वापस नहीं लौटेंगे। उन्होंने अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को क्षेत्र की अस्थिरता का कारण बताया।
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच लगभग दो सप्ताह से लगातार सैन्य हमले जारी हैं और शुरुआती युद्धविराम समझौता टूट चुका है। जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात ईरान पर लगातार 12वीं रात बमबारी की। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। कुवैती सेना ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि वह दुश्मन के ड्रोन को नष्ट कर रही है।
