Houthi Attack: यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला करने का दावा किया है। सोमवार को सऊदी अरब से जुड़े जहाजों की समुद्री नाकेबंदी की घोषणा के बाद ईरान समर्थित शिया विद्रोही समूह का जहाजों पर यह पहला बड़ा हमला है। हूती विद्रोहियों ने जानकारी दी है कि उन्होंने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल कर सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों—एंसेलिया (Encelia) और लायला (Layla)—को निशाना बनाया।
टेलीग्राम पर जारी एक आधिकारिक बयान में हूतियों ने कहा कि उन्होंने इन दोनों टैंकरों के खिलाफ एक खास सैन्य अभियान चलाया, जिसके बाद दोनों जहाजों में आग लग गई। उन्होंने इन तेल टैंकरों पर घोषित समुद्री नाकेबंदी के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
हूती विद्रोहियों ने सोमवार को ही सऊदी अरब के खिलाफ इस नाकेबंदी का ऐलान किया था। ईरान समर्थित समूह के अनुसार, उन्होंने यह कदम इस महीने की शुरुआत में सना एयरपोर्ट पर हुए हमले के जवाब में उठाया है, जिसके लिए उन्होंने सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया था। सोमवार की घोषणा के बाद लाल सागर में किसी जहाज पर यह पहला हमला दर्ज किया गया है। दूसरी ओर, सऊदी अरब ने हूतियों की इस समुद्री नाकेबंदी की कड़े शब्दों में निंदा की है और यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के प्रति अपनी रियाद की प्रतिबद्धता और समर्थन को दोहराया है।
लाल सागर में हूतियों के इस ताज़ा हमले से इस बेहद अहम अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट पर दबाव और खतरा दोनों काफी बढ़ गए हैं। इसके पहले होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के हमलों के चलते खाड़ी देशों का ऊर्जा निर्यात पहले से ही बुरी तरह प्रभावित चल रहा था। ऐसे में अब लाल सागर के व्यापारिक मार्ग पर भी संकट गहरा गया है। हूतियों ने यह भी दावा किया है कि उनकी इस नाकेबंदी के डर से लगभग 10 व्यापारिक जहाज पहले ही अपना रास्ता बदलकर वापस लौट चुके हैं।
