US Iran Conflict: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि ईरान ने कुछ ही घंटों के भीतर दूसरी बार कुवैत की तरफ हमले की भीषण कोशिश की है। हालांकि, अमेरिकी डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को पूरी तरह नाकाम कर दिया और इस घटना में किसी भी अमेरिकी सैनिक या सैन्य संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। इससे कुछ ही देर पहले अमेरिकी सेना ने कुवैत और बहरीन पर एक साथ हुए मिसाइल हमलों की भी जानकारी दी थी।
सेंटकॉम ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर बताया कि कुवैत में अमेरिकी बलों को निशाना बनाने की कोशिश करने वाले ईरानी ड्रोन के एक और हमले को सफलतापूर्वक विफल कर दिया गया है। अमेरिकी डिफेंस सिस्टम ने मुस्तैदी दिखाते हुए कई ड्रोन हवा में ही मार गिराए, जिससे कोई अमेरिकी कर्मी या सैन्य संसाधन हताहत नहीं हुआ।
अमेरिकी सेना द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, बुधवार को ईरान ने कुवैत, बहरीन और अन्य क्षेत्रीय ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई मिसाइलें दागी थीं। इनमें से दो मिसाइलें कुवैत की सीमा तक पहुंचने से पहले ही गिर गईं या हवा में तबाह हो गईं। वहीं, दूसरी तरफ बहरीन की ओर बढ़ रही तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को अमेरिकी डिफेंस सिस्टम ने बीच में ही इंटरसेप्ट कर पूरी तरह नष्ट कर दिया।
An additional wave of Iranian drones attempting to attack U.S. forces in Kuwait failed to impact intended targets tonight. U.S. Central Command air defenses successfully downed multiple drones and ensured no American personnel or assets were harmed.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 3, 2026
इसके साथ ही, सेंटकॉम का दावा है कि अमेरिकी सेना ने रीजनल वॉटर (क्षेत्रीय जलक्षेत्र) में मौजूद नागरिक जहाजों और कुवैत में तैनात अमेरिकी बलों को निशाना बनाने वाले कई ईरानी ड्रोन भी मार गिराए हैं। इस दुस्साहस के बाद अमेरिका ने भी बेहद आक्रामक रुख अपनाया और होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित ईरान के क़ेश्म द्वीप पर जवाबी हमले किए। अमेरिका ने दावा किया है कि इस जवाबी कार्रवाई में उन्होंने ईरानी सेना के ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है।
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 2, 2026
दूसरी तरफ, ईरानी सरकारी मीडिया ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बिल्कुल अलग दावा पेश किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बहरीन में स्थित अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट, एक रीजनल एयरबेस और हेलीकॉप्टर्स को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया है। ईरान की तरफ से फिफ्थ फ्लीट को सीधे हिट किए जाने का दावा किया जा रहा था, जिसे अमेरिकी सेना ने एक फैक्ट चेक जारी कर पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि उनकी यह कार्रवाई क़ेश्म द्वीप के दक्षिण में स्थित एक कम्युनिकेशन टॉवर पर अमेरिकी हमले के जवाब में की गई थी।
यह भीषण सैन्य टकराव ऐसे संवेदनशील समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर पीस डील (शांति समझौते) पर बातचीत चल रही है। पिछले सप्ताह ही दोनों पक्षों ने संकेत दिया था कि एक प्रारंभिक समझौते पर सहमति बन गई है, लेकिन अब तक उस पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर नहीं हो सके हैं। ईरानी मीडिया का दावा है कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कई दिनों से कोई सीधा संपर्क नहीं हुआ है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी मीडिया के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप ने अपनी बात रखते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत लगातार जारी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखते हुए साफ किया कि हमारे बीच बातचीत लगातार चल रही है; चार दिन पहले, तीन दिन पहले, दो दिन पहले, एक दिन पहले और आज भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई है।
