अमेरिका के हालिया मध्यावधि (मिडटर्म) चुनावों में झटका लगने के बावजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर में कोई नरमी देखने को नहीं मिली है। चुनावी परिणामों के बाद अपने चिरपरिचित आक्रामक अंदाज में राजनीतिक संदेश देते हुए ट्रंप ने ओवल ऑफिस में अपनी ‘रिजोल्यूट डेस्क’ पर एक बड़ी लाल टोपी रखी, जिस पर स्पष्ट अक्षरों में ‘VETO’ (वीटो) लिखा हुआ था। जिस वक्त उन्होंने यह टोपी रखी, वे एक आधिकारिक आदेश पर हस्ताक्षर कर रहे थे।
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में डेस्क पर रखी गई इस लाल टोपी को डेमोक्रेटिक पार्टी के आगामी विधायी एजेंडे के खिलाफ राष्ट्रपति के बेहद सख्त और अडिग रुख के तौर पर देखा जा रहा है। इसका सीधा अर्थ यह है कि संसद में डेमोक्रेट्स की बढ़ी हुई ताकत का मुकाबला करने के लिए ट्रंप अपने संवैधानिक वीटो अधिकार का खुलकर इस्तेमाल करने को पूरी तरह तैयार हैं। 3 नवंबर को संपन्न हुए इन मिडटर्म चुनावों के बाद अमेरिकी संसद के समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं, जिससे आने वाले समय में राष्ट्रपति और विपक्षी दल के बीच टकराव और तेज होने के पूरे आसार हैं।
‘VETO’ टोपी के जरिए डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा संदेश
इस विशेष टोपी को ओवल ऑफिस में प्रदर्शित करने से पहले, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर भी इसी तरह की एक लाल बेसबॉल टोपी की तस्वीर साझा की थी, जिस पर ‘VETO’ लिखा था। इसके बाद फॉक्स न्यूज को दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने राष्ट्रपति के वीटो अधिकार को अमेरिकी शासन प्रणाली के सबसे शक्तिशाली औजारों में से एक बताया।
ट्रंप ने कहा कि यह वीटो की वह ताकत है जो अमेरिकी राष्ट्रपति के पास मौजूद सबसे मजबूत अधिकारों में से एक है। उन्होंने डेमोक्रेट्स को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि विपक्षी दल संसद से कोई भी अनुचित या बेतुका फैसला पास कराने की कोशिश करेंगे, तो वे बिना किसी हिचकिचाहट के उस पर वीटो लगा देंगे।
मिडटर्म चुनाव के नतीजों से बदला अमेरिकी संसद का समीकरण
हालिया मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (प्रतिनिधि सभा) और सीनेट—दोनों सदनों पर अपना नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस बदलाव के बाद अमेरिकी संसद में सत्ता का संतुलन पूरी तरह पलट गया है। अब डेमोक्रेट्स के पास ट्रंप प्रशासन की नीतियों, फैसलों और कामकाज की बारीकी से निगरानी करने के व्यापक अवसर होंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि डेमोक्रेट्स अब कांग्रेस में विभिन्न संसदीय जांचों, सार्वजनिक सुनवाइयों और समन के जरिए ट्रंप प्रशासन पर राजनीतिक दबाव बढ़ा सकते हैं। इसके साथ ही, वे राष्ट्रपति द्वारा किए जाने वाले महत्वपूर्ण न्यायिक और कैबिनेट स्तर के नामांकनों (Appointments) को रोकने या उसमें अड़चनें पैदा करने की कोशिश भी कर सकते हैं।
रो खन्ना का बयान: चुनावी नतीजों को बताया ट्रंप के खिलाफ जनादेश
भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट कांग्रेस सदस्य रो खन्ना ने इन चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते ہوئے इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के खिलाफ एक स्पष्ट और बड़ा जनादेश करार दिया है। उन्होंने अनुमान जताया कि डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा में भारी बहुमत हासिल कर सकते हैं।
रो खन्ना ने कहा कि यह 250 से अधिक सीटों का मामला बनता दिख रहा है, जो साल 2008 में राष्ट्रपति ओबामा के समय मिले बड़े बहुमत की याद दिलाता है। उनके अनुसार, यह परिणाम राष्ट्रपति ट्रंप को जनता द्वारा पूरी तरह से खारिज किए जाने जैसा है। उन्होंने रेखांकित किया कि इस चुनाव में अमेरिकी मतदाता मुख्य रूप से देश में बढ़ती महंगाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी युद्धों को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित थे। खन्ना ने स्पष्ट किया कि डेमोक्रेट्स का मुख्य फोकस अब अमेरिकी नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने, बच्चों की देखभाल और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं पर होने वाले खर्चों को कम करने पर रहेगा।
