वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा और पूरे फलस्तीन क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए 20 सूत्रीय एक्शन प्लान पेश किया। इस अवसर पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी मौजूद थे। ट्रंप ने कहा कि नेतन्याहू से मुलाकात और शांति योजना के लागू होने के बाद अमेरिका गाजा युद्ध में शांति के बहुत करीब है। उन्होंने फिलिस्तीनी समूह हमास को चेतावनी दी कि अगर वे योजना को अस्वीकार करते हैं तो इजरायल की कार्रवाई को अमेरिका का पूरा समर्थन प्राप्त होगा।
20 सूत्रीय योजना के प्रमुख बिंदुओं में युद्धविराम की तत्काल शुरुआत, हमास द्वारा बंधकों की 72 घंटे में रिहाई, इजरायली सेना की वापसी, और 2023 के बाद हिरासत में लिए गए कैदियों की रिहाई शामिल है। योजना में “अस्थायी अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल” की तैनाती और ट्रंप के नेतृत्व में ट्रांजिशनल अथॉरिटी का गठन भी शामिल है। हमास के सभी लड़ाके निरस्त्र होंगे और भविष्य में किसी सरकारी भूमिका से बाहर रखे जाएंगे।
ट्रंप ने इस योजना को औपचारिक रूप से पेश करते हुए इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया और अरब, मुस्लिम और यूरोपीय नेताओं के सहयोग का धन्यवाद किया। अमेरिकी राष्ट्रपति के रुख में फिलिस्तीनियों को जाने के लिए मजबूर न करने का बदलाव भी देखा गया।
सऊदी अरब, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्की, कतर और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने ट्रंप की योजना का स्वागत किया। इन देशों ने संयुक्त बयान में कहा कि वे गाजा में युद्ध समाप्त करने और शांति स्थापित करने के ट्रंप के प्रयासों में विश्वास रखते हैं और इसके साथ ही फिलिस्तीनियों के विस्थापन को रोकने और पुनर्निर्माण को बढ़ावा देने के उनके प्रस्ताव का समर्थन करते हैं।
Joint Statement by the Foreign Ministers of Saudi Arabia, Jordan, UAE, Indonesia, Pakistan, Türkiye, Qatar, and Egypt. pic.twitter.com/XDqgHxNkGd
— Foreign Ministry 🇸🇦 (@KSAmofaEN) September 29, 2025
