Russia-Ukraine War: यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर बेहद भयानक रूप ले लिया है, जहां रूस ने यूक्रेन के कई बड़े शहरों पर अब तक का सबसे भीषण और विनाशकारी बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया है। इस हमले की भयावहता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि यूक्रेन की राजधानी कीव सहित खारकीव, ज़ापोरिझिया, निप्रो और कामियांस्के जैसे प्रमुख शहर जोरदार धमाकों से दहल उठे हैं। रात भर चले इस भारी हमले में न केवल सैन्य ठिकानों को बल्कि रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया गया है, जिससे पूरे देश में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया है। कीव के आसमान में नॉन-स्टॉप धमाकों के साथ अजीब और डरावनी चमकीली रोशनी देखी गई, जबकि हमले के तुरंत बाद स्टारोकोस्तियानटिनिव एयर बेस से भी भीषण आग लगने की खबरें आईं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोमवार को ही देश को आगाह करते हुए चेतावनी दी थी कि रूस एक बड़े हमले की तैयारी कर रहा है और यह विनाशकारी हमला ठीक उसी रणनीति का नतीजा है।
इस हमले को अंजाम देने के लिए रूस ने अपने सबसे आधुनिक, खतरनाक हथियारों और मिसाइलों के घातक कॉम्बिनेशन का इस्तेमाल किया है। इस हमले में रूस के हथियारों के जखीरे से घातक इस्कंदर-एम बैलिस्टिक मिसाइलें, टॉरनैडो-एस मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम, जिरकॉन हाइपरसोनिक मिसाइल और एस-300/400 एयर डिफेंस मिसाइलें शामिल थीं। यूक्रेन पर कुल मिलाकर 60 से अधिक क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जिन्हें रोकने के लिए यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। इस जवाबी कार्रवाई के कारण कीव को बहुत लंबे समय के बाद इतनी बड़ी संख्या में अपने पैट्रियट इंटरसेप्टर का इस्तेमाल करना पड़ा और आसमान में रूसी मिसाइलों तथा यूक्रेनी डिफेंस सिस्टम के बीच हुई इस जंग की वजह से राजधानी में लगातार भीषण विस्फोटों की आवाजें गूंजती रहीं।
इस बार रूस ने सीधे तौर पर आम नागरिकों के घरों को निशाना बनाया है, जिससे कीव में भारी तबाही मची है और रिहायशी इमारतें जमींदोज हो गई हैं। कीव के पोडिल्स्की जिले में एक बहुमंजिला अपार्टमेंट ब्लॉक पूरी तरह से ढह गया है। कीव के मेयर के मुताबिक, रूस ने यहां क्रूर ‘डबल टैप’ तकनीक का इस्तेमाल किया, जिसमें एक ही जगह पर थोड़ी देर के अंतराल में दो बार हमला किया जाता है ताकि वहां पहुंचने वाले बचाव दल भी इसकी चपेट में आ जाएं। इस मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसके अलावा, शेवचेंकिव्स्की जिले में एक 24-मंजिला आवासीय इमारत पर मिसाइल गिरने से भीषण आग लग गई, जबकि पोडिल में एक अन्य नौ-मंजिला इमारत की छत पर मिसाइल का मलबा गिरने से आग भड़क उठी।
इस विनाशकारी हमले ने यूक्रेन के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है, जिससे भारी जान-माल का नुकसान हुआ है और लोगों की जिंदगी मेट्रो स्टेशनों में कैद हो गई है। अकेले कीव में कम से कम 8 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और शहर के तीन बड़े जिलों की बिजली पूरी तरह से गुल हो गई है। यूक्रेन के अन्य हिस्सों में हुए हमलों में कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई और 13 अन्य लोग घायल हो गए हैं। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कीव के हजारों नागरिकों को अपनी जान बचाने के लिए पूरी रात भूमिगत मेट्रो स्टेशनों में शरण लेनी पड़ी। इस समय मलबे के नीचे दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना ही प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
यह हमला कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि रूस ने इसके लिए बाकायदा पहले से ही रणनीति तय कर रखी थी। पिछले हफ्ते ही रूस ने खुले तौर पर चेतावनी दी थी कि वह कीव पर योजनाबद्ध और व्यवस्थित तरीके से बड़े हमले शुरू करने जा रहा है, और यहां तक कि उसने विदेशी नागरिकों और राजनयिकों को जल्द से जल्द कीव छोड़ने की सलाह भी दी थी। रिहायशी इलाकों पर हुआ यह क्रूर हमला साफ दिखाता है कि युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां आम नागरिक इस टकराव की सबसे भारी कीमत चुका रहे हैं।
