Apple Smart Glasses: टेक दिग्गज एप्पल (Apple) अब एक नए और क्रांतिकारी डिवाइस पर तेजी से काम कर रही है। टेक जगत की ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अपने पहले ‘स्मार्ट ग्लासेस’ को साल 2027 के आखिर तक बाजार में लॉन्च कर सकती है। इससे पहले ऐसी उम्मीदें जताई जा रही थीं कि कंपनी इन्हें 2026 के अंत तक पेश कर देगी और 2027 की शुरुआत में इनकी बिक्री शुरू हो जाएगी, लेकिन अब इसके लॉन्च टाइमलाइन में थोड़ा बदलाव देखा जा रहा है।
एप्पल की योजना इसे सिर्फ एक साधारण नया गैजेट बनाने की नहीं है, बल्कि कंपनी इसे भविष्य का एक बहुत बड़ा हार्डवेयर प्लेटफॉर्म बनाने की तैयारी में जुटी है। कंपनी का मुख्य लक्ष्य यह है कि यह नया डिवाइस सिरी (Siri) और एप्पल इंटेलिजेंस (Apple Intelligence) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बने और लोगों के रोजमर्रा के जीवन में आसानी से शामिल हो जाए।
मेटा और गूगल को मिलेगी सीधी टक्कर
बाजार में आने के बाद एप्पल के स्मार्ट ग्लासेस का सीधा मुकाबला मेटा (Meta) के रे-बैन (Ray-Ban) स्मार्ट ग्लासेस और गूगल (Google) के आने वाले अपकमिंग स्मार्ट ग्लासेस से माना जा रहा है। हालांकि, इस रेस में एप्पल की रणनीति बाकी प्रतिद्वंदी कंपनियों से काफी अलग दिखाई देती है। जहाँ कई कंपनियां अपने स्मार्ट ग्लासेस में हाई-टेक एआर (Augmented Reality – AR) फीचर्स पर सबसे ज्यादा जोर दे रही हैं, वहीं एप्पल शुरुआत में ऐसा करने से बच रही है।
कंपनी का मानना है कि आम उपभोक्ता एक ऐसा डिवाइस चाहते हैं जिसे वे बिना किसी परेशानी के रोजाना पहन सकें, न कि वे इसे सिर्फ एक तकनीकी प्रयोग के तौर पर इस्तेमाल करें। यही वजह है कि एप्पल का पूरा फोकस इस चश्मे के लुक, आरामदायक अनुभव (Comfort) और एआई (AI) आधारित फीचर्स पर ज्यादा रहेगा।
कितनी हो सकती है संभावित कीमत?
रिपोर्ट्स में एप्पल के इस नए वियरेबल डिवाइस की कीमत को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि एप्पल के पहले स्मार्ट ग्लासेस की कीमत 200 डॉलर से 599 डॉलर (भारतीय मुद्रा में लगभग 17,000 रुपये से 51,000 रुपये) के बीच तय हो सकती है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो एप्पल अपने ब्रांड की साख के अनुसार इसे प्रीमियम रेंज में रखते हुए भी आम ग्राहकों की पहुंच में रखने की कोशिश करेगी।
ये फीचर्स बदल देंगे काम करने का अंदाज
आने वाले एप्पल स्मार्ट ग्लासेस में कई बेहतरीन और व्यावहारिक फीचर्स मिलने की उम्मीद जताई जा रही है:
- कैमरा और रिकॉर्डिंग: इन ग्लासेस में इन-बिल्ट कैमरे दिए जा सकते हैं, जिनकी मदद से यूजर्स आसानी से चलते-फिरते फोटो खींच सकेंगे और वीडियो रिकॉर्ड कर पाएंगे।
- माइक्रोफोन और स्पीकर्स: कॉलिंग और ऑडियो के लिए इसमें माइक्रोफोन और स्पीकर्स दिए जाएंगे, जिससे बिना फोन निकाले सीधे चश्मे से ही बात करना, म्यूजिक सुनना और वॉइस असिस्टेंट ‘Siri’ से कमांड देना संभव होगा।
- नेविगेशन और नोटिफिकेशन्स: यूजर्स अपने चश्मे के लेंस पर ही जरूरी नोटिफिकेशन्स देख सकेंगे। इसके साथ ही पैदल चलते समय रास्ते के दिशा-निर्देश (टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन) भी इसके जरिए मिल जाएंगे।
यानी कई ऐसे बुनियादी काम जो आज लोग अपने स्मार्टफोन की स्क्रीन पर करते हैं, वे भविष्य में सीधे अपने चश्मे के जरिए कर पाएंगे।
सॉफ्टवेयर और AI आधारित प्लेटफॉर्म पर फोकस
एप्पल अपने इस नए डिवाइस को एप्पल इंटेलिजेंस (Apple Intelligence) के एक बेहद महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में देख रही है। कंपनी का मानना है कि आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का एक अटूट हिस्सा बनने वाला है। हालांकि, बाजार में आने वाला इसका पहला मॉडल सीमित फीचर्स के साथ पेश किया जा सकता है, लेकिन एप्पल इसे एक ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित कर रही है जिसे समय के साथ अपडेट किया जा सके। भविष्य में मिलने वाले नए सॉफ्टवेयर अपडेट्स और एडवांस एआई फीचर्स के जरिए इस डिवाइस की क्षमताएं काफी ज्यादा बढ़ जाएंगी।
