स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को लेकर बढ़े विवाद के बीच यूरोपीय यूनियन (EU) ने ईरान के खिलाफ नई कार्रवाई की है। यूरोपीय संघ ने सोमवार को ईरान के दो नागरिकों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एक यूनिट पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है, इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी तरह की रुकावट का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिबंधों की सूची में IRGC नौसेना की होर्मोजगान प्रांतीय कमान को शामिल किया गया है। इसके अलावा मोहम्मद अकबरजादेह और हमीद हुसैनी पर भी कार्रवाई की गई है। अकबरजादेह IRGC नौसेना में राजनीतिक मामलों के उप कमांडर हैं, जबकि हुसैनी ईरान के तेल और गैस निर्यात संघ से जुड़े हुए हैं।
यूरोपीय संघ का आरोप है कि इन लोगों और इकाई की गतिविधियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही को प्रभावित किया है। इसी आधार पर उनके खिलाफ प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में बाधा डालना वैश्विक नियमों के खिलाफ है। उन्होंने बताया कि सदस्य देशों की सहमति के बाद यह फैसला लिया गया ताकि समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित रह सके।
वहीं, ईरान ने यूरोपीय संघ के इस कदम का विरोध किया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने प्रतिबंधों को राजनीतिक और पक्षपातपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि तेहरान इस तरह के दबाव से प्रभावित नहीं होगा और अपनी नीतियों पर कायम रहेगा।
बताया जा रहा है कि अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़े तनाव के बाद ईरान ने होर्मुज क्षेत्र में कड़े कदम उठाए थे, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई। अब यूरोपीय संघ की इस कार्रवाई ने मामले को नया कूटनीतिक आयाम दे दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ता तनाव आने वाले समय में वैश्विक ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय राजनीति दोनों पर असर डाल सकता है।
