प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने 29 अगस्त 2025 को टोक्यो में भारतीय उद्योग परिसंघ और कीदानरेन (जापान व्यापार महासंघ) द्वारा आयोजित भारत-जापान आर्थिक फोरम में भाग लिया। भारत-जापान बिजनेस लीडर्स फोरम के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों सहित भारत और जापान के उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों ने बैठक में भाग लिया।
अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी, विशेष रूप से निवेश, विनिर्माण और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग की सफलता पर प्रकाश डाला। जापानी कंपनियों को भारत में अपनी उपस्थिति और भी अधिक बढ़ाने के लिए आमंत्रित करते हुए, उन्होंने कहा कि भारतीय विकास की गाथा उनके लिए उत्कृष्ट अवसर प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान अशांत वैश्विक आर्थिक परिदृश्य के संदर्भ में विश्वसनीय मित्रों के बीच गहरी होती आर्थिक साझेदारी विशेष रूप से प्रासंगिक है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक स्थिरता, नीतिगत पूर्वानुमान, सुधारों को लेकर प्रतिबद्धता और कारोबारी सुगमता के प्रयासों ने भारतीय बाजार में निवेशकों को एक नया विश्वास कायम किया है, जो वैश्विक एजेंसियों द्वारा भारत की नवीनतम क्रेडिट रेटिंग में सुधार से स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है।
भारत और जापान के बीच अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों, विनिर्माण, निवेश और मानव संसाधन संबंधी आदान-प्रदान में सहयोग की महत्वपूर्ण क्षमता के बारे में बताते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक विकास में लगभग 18 प्रतिशत योगदान दे रहा है और कुछ वर्षों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच परस्पर सहयोग को देखते हुए, उन्होंने मेक इन इंडिया और अन्य पहलों की दिशा में जापान और भारत के बीच और भी अधिक व्यापारिक सहयोग के लिए पांच प्रमुख क्षेत्रों पर प्रकाश डाला। वे क्षेत्र हैं: i] बैटरी, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, जहाज निर्माण और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में विनिर्माण; ii] एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, अंतरिक्ष और जैव प्रौद्योगिकी सहित प्रौद्योगिकी और नवाचार में सहयोग; iii] हरित ऊर्जा परिवर्तन; iv] अगली पीढ़ी का इन्फ्रास्ट्रक्चर, जिसमें आवागमन, हाई स्पीड रेल और लॉजिस्टिक शामिल हैं; और v] कौशल विकास और जन-जन के बीच संबंध।
Over the next few days, will be in Japan and China to attend various bilateral and multilateral programmes. In Japan, will take part in the 15th Annual India-Japan Summit and hold talks with PM Shigeru Ishiba. The focus would be on deepening our Special Strategic and Global…
— Narendra Modi (@narendramodi) August 28, 2025
प्रधानमंत्री इशिबा ने अपने संबोधन में, सशक्त आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण हेतु भारतीय प्रतिभाओं और जापानी प्रौद्योगिकी के बीच साझेदारी बनाने में जापानी कंपनियों की रुचि का जिक्र किया। उन्होंने भारत और जापान के बीच तीन प्राथमिकताओं पर जोर दिया: पी2पी साझेदारी को मजबूत करना, प्रौद्योगिकी का संयोजन, हरित पहल और बाजार, तथा उच्च एवं उभरती प्रौद्योगिकियों, विशेष रूप से सेमीकंडक्टर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग।
12वें भारत-जापान बिजनेस लीडर्स फोरम (आईजेबीएलएफ) की रिपोर्ट आईजेबीएलएफ के सह-अध्यक्षों द्वारा दोनों नेताओं को भेंट की गई। भारतीय और जापानी उद्योग के बीच बढ़ती साझेदारियों पर प्रकाश डालते हुए, जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जेईटीआरओ) के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी नोरिहिको इशिगुरो ने इस्पात, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष, शिक्षा और कौशल, स्वच्छ ऊर्जा और मानव संसाधन का आदान-प्रदान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय और जापानी कंपनियों के बीच हस्ताक्षरित विभिन्न बी2बी समझौता ज्ञापनों की घोषणा की।
Addressed a business event in Tokyo. The presence of Prime Minister Ishiba made this even more special, also indicating the priority we accord to bilateral economic linkages.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 29, 2025
Spoke about India's deep economic ties with Japan and also listed areas where cooperation can deepen in… pic.twitter.com/mfBpv1TCQf
