Bada Mangal 2026: सनातन परंपरा में संकटमोचन कहलाने वाले हनुमान जी की साधना-आराधना के लिए मंगलवार का दिन अत्यंत ही शुभ और परम फलदायी माना गया है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, सभी कार्यों में ‘मंगल ही मंगल’ करने वाले इस दिन की महत्ता तब और अधिक बढ़ जाती है, जब यह ज्येष्ठ (जेठ) के महीने में पड़ता है। जेठ माह के सभी मंगलवार को ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ के नाम से जाना जाता है। पंचांग की गणना के अनुसार, साल 2026 का सातवां बड़ा मंगल 16 जून 2026 को पड़ने जा रहा है।
ऐसी स्थिति में, इस पावन अवसर पर आखिर किस विधि से पूजा या व्रत करने पर बल, बुद्धि और विद्या के सागर माने जाने वाले पवनपुत्र हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त होगा, आइए इसे विस्तार से जानते हैं।
बड़ा मंगल पर कैसे रखें व्रत और पूजा का संकल्प?
जेठ महीने के बड़े मंगलवार के दिन हनुमान जी की विशेष कृपा पाने के लिए साधक को प्रातःकाल सूर्योदय से पहले उठना चाहिए। नित्य क्रियाओं से निवृत्त होकर स्नान-ध्यान करने का प्रयास करें। तन और मन से पूरी तरह पवित्र होने के बाद, पूजा के लिए यदि संभव हो तो लाल या नारंगी (भगवा) रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद हाथ में जल लेकर बड़ा मंगल की विधि-विधान से पूजा एवं व्रत करने का अटूट संकल्प लें।
संकल्प के बाद घर के मंदिर या देवालय में हनुमान जी की मूर्ति अथवा तस्वीर के सामने बैठें। दीपक और अगरबत्ती प्रज्वलित करें। ध्यान रहे कि हनुमान जी की पूजा से पहले उनके आराध्य प्रभु श्रीराम और माता सीता का स्मरण अवश्य करना चाहिए, क्योंकि राम जी के सुमिरन के बिना बजरंगबली की पूजा अधूरी मानी जाती है।
इस दिन बजरंगबली को जरूर अर्पित करें ये प्रिय चीजें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बड़े मंगल के दिन हनुमान जी को कुछ विशेष चीजें अर्पित करने से जीवन के सभी कष्ट तुरंत दूर हो जाते हैं:
- सिंदूर और चमेली का तेल: इस दिन हनुमान जी को चमेली के तेल में मिला हुआ सिंदूर (चोला) विशेष रूप से चढ़ाना चाहिए। मान्यता है कि इससे कुंडली के सभी ग्रह दोष, विशेषकर ‘मंगल दोष’ शांत होते हैं और भक्तों को साहस का आशीर्वाद मिलता है।
- बूंदी और बेसन के लड्डू: बजरंगबली को बूंदी, बेसन के लड्डू और चूरमा अत्यंत प्रिय हैं। बड़ा मंगल पर इसका भोग लगाकर लोगों में प्रसाद बांटने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
- गुड़ और चना: हनुमान जी को गुड़ और भुने हुए चने का भोग लगाना अत्यंत शुभ और फलदायक है। मान्यता है कि ऐसा करने से वित्तीय संकट (आर्थिक तंगी) और कर्ज संबंधी पुरानी परेशानियां दूर होती हैं।
- मीठा पान: इस पावन दिन पर प्रभु को मीठा पान अर्पित करने से जीवन के रुके हुए कार्य तेजी से पूरे होने लगते हैं और सफलता के नए मार्ग खुलते हैं।
संपूर्ण पूजन विधि और हवन का नियम
आसन पर बैठकर पूरी श्रद्धा के साथ मंगलवार व्रत की कथा, हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, जेठ महीने के आखिरी बड़े मंगल की पूजा के अंत में खैर की लकड़ी से हवन करने का विशेष विधान है। हवन पूर्ण होने के बाद, हनुमान जी की आरती (‘आरती कीजै हनुमान लला की’) करना बिल्कुल न भूलें। आरती के बाद सभी में प्रसाद वितरित करें।
यदि व्रत और पूजा न कर पाएं, तो क्या करें?
यदि कोई व्यक्ति किसी अनिवार्य कारणवश बड़ा मंगल की पूजा या कठिन व्रत नहीं कर पाता है, तो उसे निराश होने की आवश्यकता नहीं है। इस महापर्व का पुण्यफल और हनुमत कृपा पाने के लिए व्यक्ति को इस दिन जरूरतमंद और गरीब लोगों को अन्न, जल, वस्त्र और धन आदि का यथाशक्ति दान करना चाहिए। इसके अलावा, जेठ के महीने में जगह-जगह लगने वाले भंडारे या राहगीरों के लिए प्याऊ (पानी और शरबत की व्यवस्था) में अपना वित्तीय या शारीरिक सहयोग देकर भी इस दिन का पूरा पुण्य प्राप्त किया जा सकता है।
किन्हें मिलता है इस महापर्व का वास्तविक पुण्यफल?
धार्मिक नियमों के अनुसार, बड़ा मंगल वाले दिन व्यक्ति को किसी भी प्रकार के वाद-विवाद, क्रोध या कटु वचनों से पूरी तरह बचना चाहिए और अपने मन को हनुमत साधना में लगाना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन किए जाने वाले दान और भंडारे का फल तभी प्राप्त होता है जब आप इसे बगैर किसी दिखावे या अभिमान (घमंड) के निस्वार्थ भाव से करते हैं। इसके अतिरिक्त, इस पावन व्रत और पूजा में शुद्धता, पवित्रता तथा पूर्ण रूप से ‘ब्रह्मचर्य’ का पालन करना अनिवार्य माना गया है।
बड़ा मंगल पूजा के अचूक लाभ:
हिंदू धर्म में बड़ा मंगल की पूजा को शीघ्र फल प्रदान करने वाली और संकटों का नाश करने वाली माना गया है। मान्यता है कि जो भी भक्त इस दिन श्रद्धा-भाव से हनुमान जी की शरण में जाता है, बजरंगबली उसके जीवन के बड़े से बड़े अमंगल को भी पल भर में टाल देते हैं और उसे सुख, शांति व निर्भयता का वरदान देते हैं।
