काठमांडू: नेपाल में हिंदू राष्ट्रवाद और राजशाही की बहाली को लेकर चल रहे आंदोलनों ने रविवार को एक नया मोड़ ले लिया। राजधानी काठमांडू में हुए एक प्रदर्शन के दौरान पूर्व उप-प्रधानमंत्री कमल थापा को पुलिस ने बलपूर्वक सड़कों पर घसीटा, जिससे पूरे देश में राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है।
कमल थापा हिंदू राष्ट्र और संवैधानिक राजशाही की पुनर्स्थापना के मुखर पैरोकार रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं।
घटना के बाद थापा ने कहा, “भ्रष्ट व्यवस्था और भ्रष्ट शासकों से मुक्ति के लिए हमारा संघर्ष और तेज होगा। हम हिंदू राष्ट्र और राजशाही की पुनर्स्थापना के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

नेपाल को 2008 में धर्मनिरपेक्ष गणराज्य घोषित किया गया था, लेकिन तब से देश लगातार राजनीतिक अस्थिरता, सरकारी भ्रष्टाचार और आर्थिक बदहाली से जूझ रहा है। इसी पृष्ठभूमि में हिंदू राष्ट्रवाद और राजा ज्ञानेंद्र की वापसी की मांग अब फिर जोर पकड़ रही है।
