इस्लामाबाद की प्रभावशाली लाल मस्जिद में एक मौलवी द्वारा दी गई तकरीर के दौरान उस वक्त चौंकाने वाला नज़ारा देखने को मिला जब उन्होंने वहां मौजूद लोगों से पूछा — “अगर भारत और पाकिस्तान में जंग हुई तो पाकिस्तान की तरफ से लड़ने कितने लोग तैयार हैं?” सवाल के जवाब में एक भी हाथ नहीं उठा।
इसके बाद मौलवी ने खुद ही जवाब देते हुए कहा “इसलिए कोई हाथ नहीं उठा, क्योंकि हिंदुस्तान और पाकिस्तान की जंग इस्लाम की जंग नहीं है। हिंदुस्तान में मुसलमानों पर उतने ज़ुल्म नहीं होते जितने पाकिस्तान में हो रहे हैं।”
इस्लामाबाद की मशहूर लाल मस्जिद ने भारत से युद्ध का समर्थन करने से साफ इंकार कर दिया है।
— Manoj Singh (@PracticalSpy) May 5, 2025
— कहा गया कि पाकिस्तान की लड़ाई इस्लाम के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद के लिए है, और यहां का अत्याचार भारत से भी ज़्यादा ख़तरनाक है। 😳 pic.twitter.com/mduNbc3EB9
