ईरान के परमाणु केंद्र पर भीषण हमला: बंकर बस्टर बमों से दहला इस्फहान, ट्रंप ने जारी किया वीडियो

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने एक बार फिर खतरनाक मोड़ ले लिया है। मंगलवार को इस्फहान स्थित ईरान के अहम परमाणु केंद्र पर अमेरिका-इजरायल की ओर से 2000 पाउंड के बंकर बस्टर बम से हमला किया गया। इस हमले के बाद रात के अंधेरे में कई मीटर ऊंची आग की लपटें उठती देखी गईं और पूरा आसमान धुएं से भर गया।

बंकर बस्टर बमों से दहला इस्फहान
बंकर बस्टर बमों से दहला इस्फहान

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने मंगलवार को उस समय बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के इस्फहान परमाणु केंद्र को निशाना बनाया। इस हमले में 2,000 पाउंड के ‘बंकर बस्टर’ बमों का इस्तेमाल किया गया, जिससे इलाके में कई मीटर ऊंचे आग के गोले और धुएं का गुबार देखा गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वयं इस हमले के फुटेज जारी कर अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया है।

इस हमले के जवाब में ईरान ने भी कड़ा पलटवार किया है। ईरानी ड्रोनों ने दुबई के तट के पास कुवैती तेल टैंकर ‘अल साल्मी’ को निशाना बनाया, जिसमें भीषण आग लग गई। इस टैंकर पर लगभग 20 लाख बैरल कच्चा तेल लदा था जो चीन जा रहा था। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि वे इजरायली गठबंधन से जुड़े जहाजों को नहीं छोड़ेंगे।

ट्रंप की रणनीति: सैन्य अभियान समेटने के संकेत

‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका अगले चार से छह सप्ताह के भीतर अपना सैन्य अभियान समाप्त कर सकता है। ट्रंप का मानना है कि ईरान की नौसैनिक क्षमता और मिसाइल भंडार को नष्ट कर अमेरिका ने अपने मुख्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खुलवाने के लिए लंबा युद्ध खींचने के पक्ष में नहीं हैं और अब कूटनीतिक दबाव पर जोर देंगे।

नाटो देशों और अमेरिका में तकरार

इस युद्ध के बीच अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच दरार गहरी हो गई है। स्पेन के बाद अब इटली ने भी अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति देने से मना कर दिया है। वहीं, फ्रांस ने इजरायल के लिए हथियार ले जा रहे अमेरिकी विमानों को अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल से रोक दिया है।

इससे नाराज होकर ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर सख्त लहजे में कहा कि जिन्हें तेल की जरूरत है, वे खुद अपनी लड़ाई लड़ें और होर्मुज जाकर तेल लाएं। उन्होंने ब्रिटेन जैसे देशों को सलाह दी कि वे अमेरिका से तेल खरीदें। ट्रंप ने दो टूक कहा कि अब देशों को खुद अपनी रक्षा करना सीखना होगा, अमेरिका हर बार मदद के लिए नहीं आएगा।

क्षेत्रीय तनाव और तबाही का मंजर

  • इजरायल और लेबनान: इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में अपने हमले तेज कर दिए हैं और वहां मौजूद हिज्बुल्लाह के ठिकानों को पूरी तरह नष्ट करने का संकल्प लिया है। इस संघर्ष में इजरायल के चार सैनिक भी मारे गए हैं।
  • मिसाइल हमले: सऊदी अरब ने रियाद की ओर आ रही तीन ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है, जबकि बहरीन में दिनभर सायरन गूंजते रहे।
  • ईरान की धमकी: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी देश ने ईरानी जमीन पर कदम रखा, तो उसके परिणाम भयानक होंगे। साथ ही, ईरान ने होर्मुज जलमार्ग के लिए नया ‘कानूनी ढांचा’ तैयार किया है, जिसके तहत विपक्षी देशों के जहाजों पर रोक और टोल टैक्स वसूला जाएगा।

चीन-पाकिस्तान की शांति योजना

युद्ध को रोकने के लिए चीन के विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने बीजिंग में पांच सूत्रीय शांति योजना पेश की है। इस योजना में तुरंत युद्धविराम, नागरिक ठिकानों पर हमले बंद करने, होर्मुज जलमार्ग को सुरक्षित रखने और संयुक्त राष्ट्र के नियमों के तहत शांति वार्ता शुरू करने की अपील की गई है।

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