स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मलेशियाई जहाजों को सुरक्षित मार्ग, भारत समेत मित्र देशों को राहत

तेहरान: अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद 28 फरवरी से बंद होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते अब धीरे-धीरे खोले जा रहे हैं। इस बीच ईरान ने मलेशियाई जहाजों को भी होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की इजाजत दे दी है।

Malaysia PM Anwar Ibrahim Thanks Iran
Malaysia PM Anwar Ibrahim Thanks Iran

पश्चिम एशिया में जारी भीषण सैन्य संघर्ष और तनाव के बीच ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को लेकर एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता सामने आई है। भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान के बाद अब मलेशिया सातवां ऐसा देश बन गया है जिसके जहाजों को ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने की सुरक्षित अनुमति दे दी है। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने गुरुवार को इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए ईरानी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है।

मलेशियाई प्रधानमंत्री की सफल कूटनीति

टेलीविजन पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने बताया कि उन्होंने ईरान, मिस्र और तुर्की जैसे क्षेत्रीय देशों के शीर्ष नेताओं के साथ गहन चर्चा की। इस बातचीत का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि ईरान मलेशियाई जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने पर सहमत हो गया है। अनवर ने कहा, “हम अब अपने तेल टैंकरों और उनमें सवार कर्मचारियों को मुक्त कराने की प्रक्रिया में हैं ताकि वे अपनी यात्रा जारी रखते हुए सुरक्षित घर लौट सकें।”

ईरान की ‘असुरक्षा’ और शांति की कोशिशें

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अनवर इब्राहिम ने स्वीकार किया कि ईरान के साथ बातचीत करना आसान नहीं था। उनके मुताबिक, “ईरान को लगता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसके साथ बार-बार धोखा हुआ है। उन्हें अपनी सुरक्षा की कोई ठोस गारंटी नहीं मिलती, इसलिए वे शांति की दिशा में उठाए किसी भी कदम को स्वीकार करने में हिचकिचा रहे हैं।” हालांकि, मलेशिया के कूटनीतिक प्रयासों ने तेहरान को भरोसे में लेने में कामयाबी हासिल की है।

विदेश मंत्री अराघची का रुख: “होर्मुज केवल दुश्मनों के लिए बंद”

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रणनीतिक जलमार्ग की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद नहीं है। उनके बयान के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • मित्र देशों को वरीयता: भारत, चीन, रूस, इराक, पाकिस्तान और अब मलेशिया जैसे देशों को उनकी विशेष मांग पर सुरक्षित मार्ग प्रदान किया गया है।
  • दुश्मनों पर पाबंदी: अराघची ने स्पष्ट किया, “हम युद्ध के बीच हैं, इसलिए अपने दुश्मनों (अमेरिका और इजरायल) और उनके सहयोगियों को इस रास्ते का उपयोग करने देने का हमारे पास कोई कारण नहीं है।”

वैश्विक तेल आपूर्ति पर प्रभाव

28 फरवरी 2026 से जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव के बाद तेहरान ने इस चोकपॉइंट को बंद कर दिया था। होर्मुज जलडमरूमध्य से प्रतिदिन दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल और गैस प्रवाहित होती है। अब मित्र देशों के जहाजों को क्रमिक रूप से अनुमति मिलने से वैश्विक ऊर्जा बाजार, विशेष रूप से एशियाई देशों की अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। फंसे हुए मलेशियाई और भारतीय जहाजों की रवानगी से ईंधन की किल्लत कम होने के संकेत मिल रहे हैं।

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