अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच खामेनेई का बड़ा बयान, ‘ईरान की ताकत जनता की एकता’

सोमवार को टेलीविजन के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित करते हुए खामेनेई ने कहा कि किसी भी देश की असली ताकत केवल उसकी मिसाइलों या सैन्य साजो-सामान में नहीं, बल्कि वहां की जनता की इच्छाशक्ति, एकता और अटूट धैर्य में छिपी होती है।

Khamenei’s Big Statement as US Tensions Grow: ‘Iran’s Power Is Its Unity’
Khamenei’s Big Statement as US Tensions Grow: ‘Iran’s Power Is Its Unity’

ईरान में इस्लामिक क्रांति की 47वीं वर्षगांठ के जश्न के बीच सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का एक बड़ा बयान सामने आया है। सोमवार को टेलीविजन के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित करते हुए खामेनेई ने कहा कि किसी भी देश की असली ताकत केवल उसकी मिसाइलों या सैन्य साजो-सामान में नहीं, बल्कि वहां की जनता की इच्छाशक्ति, एकता और अटूट धैर्य में छिपी होती है। उन्होंने ईरानी जनता से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए जोर दिया कि दुश्मनों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए राष्ट्रीय संकल्प ही सबसे प्रभावी हथियार है।

खामेनेई का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और अमेरिका के साथ ईरान के संबंध बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। सर्वोच्च नेता ने अपने संदेश में कहा कि मिसाइलों और युद्धक विमानों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण जनता का संकल्प है, जिसे ईरान ने पिछले कई दशकों में विभिन्न मोर्चों पर साबित भी किया है। उनके इस बयान को अमेरिका की बढ़ती सैन्य मौजूदगी के बीच एक कूटनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

पिछले सप्ताह ओमान की राजधानी मस्कट में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच हुई अप्रत्यक्ष बातचीत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा है। यह वार्ता तब हुई जब अमेरिका ने ईरान के पास अपने नौसैनिक बलों की तैनाती में भारी बढ़ोतरी की है। इन सबके बावजूद, तेहरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने मिसाइल कार्यक्रम को किसी भी शांति वार्ता या समझौते का हिस्सा नहीं बनाएंगे। ईरान फिलहाल मध्य पूर्व के सबसे बड़े मिसाइल जखीरे और अपने यूरेनियम संवर्धन के अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय मान्यता चाहता है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते इस खिंचाव के बीच कूटनीतिक रास्ते भी तलाशे जा रहे हैं। इसी कड़ी में खामेनेई के करीबी सलाहकार और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी मंगलवार को ओमान का महत्वपूर्ण दौरा करेंगे। मस्कट में हुई हालिया वार्ता के बाद लारीजानी का यह दौरा इस बात का संकेत है कि दोनों पक्ष फिलहाल सीधे सैन्य टकराव के बजाय कूटनीतिक खिड़की खुली रखना चाहते हैं। हालांकि, तेहरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी संभावित हमले का कड़ा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2026 Breaking News Wale - Latest Hindi News by Breaking News Wale