US-Iran Conflict Update: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच कूटनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए वॉशिंगटन को एक नया प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव में ईरान ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को खोलने और युद्ध को समाप्त करने की पेशकश की है, लेकिन साथ ही परमाणु वार्ता को भविष्य के लिए टालने की बात कही है।
इससे पहले ईरान की अर्धसरकारी समाचार एजेंसी ‘फार्स’ ने भी पुष्टि की थी कि तेहरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को एक लिखित संदेश भेजा है, जिसमें सीमाओं, परमाणु मुद्दों और होर्मुज स्ट्रेट का जिक्र किया गया है।
ट्रंप की चेतावनी: “तीन दिनों में फट सकती हैं तेल पाइपलाइनें”
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए नई चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान बातचीत चाहता है तो वह सीधे वॉशिंगटन को कॉल कर सकता है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि तेहरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। ट्रंप ने यहां तक कहा कि अगले तीन दिनों में ईरान की तेल पाइपलाइनें फट सकती हैं।
गौरतलब है कि ट्रंप ने हाल ही में अपने वार्ताकारों—स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर—की इस्लामाबाद यात्रा को आखिरी समय पर रद्द कर दिया था। जानकारों का मानना है कि यह कदम इस बात का संकेत था कि अमेरिका ईरान के पिछले प्रस्तावों से संतुष्ट नहीं है।
क्या हैं अमेरिका की शर्तें?
अमेरिका की मुख्य मांग यह है कि ईरान कम से कम एक दशक तक यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) पूरी तरह बंद करे और अपने मौजूदा भंडार को देश से बाहर भेज दे। राष्ट्रपति ट्रंप ने इन मांगों को मनवाने के लिए बल प्रयोग की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, इन सख्त शर्तों को लेकर ईरानी नेतृत्व के भीतर फिलहाल कोई आम सहमति नहीं बन पाई है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता और अराघची का मिशन
क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची पिछले तीन दिनों में दो बार पाकिस्तान का दौरा कर चुके हैं। रविवार को उन्होंने इस्लामाबाद में पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर से मुलाकात की। इससे पहले वे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मिल चुके हैं।
पाकिस्तानी सूत्रों और अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, एक नए समझौते का फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है जिसमें अमेरिका, ईरान के साथ-साथ खाड़ी देशों को भी शामिल करने की योजना है। इस्लामाबाद से अराघची सीधे मॉस्को के लिए रवाना हो गए हैं, जहां सोमवार को उनकी मुलाकात रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होने वाली है।
हालांकि कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन परमाणु मुद्दे पर दोनों देशों के अड़ियल रुख के कारण अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कोई ठोस समझौता कितनी जल्दी हो पाएगा।
