तेहरान/तेल अवीव: ईरान और इज़राइल के बीच युद्ध चौथे दिन भी जारी है। इस बीच ईरान ने ओमान, क़तर और सऊदी अरब के माध्यम से इज़राइल को संदेश भेजकर कहा है कि वह बातचीत को तैयार है, लेकिन शर्त यह है कि इज़राइल पहले हमला रोके।
ईरानी पक्ष की ओर से कहा गया है कि इज़राइल का लक्ष्य ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को निशाना बनाना है, और यही इस तनाव की तात्कालिक वजह है।
ईरान के वरिष्ठ राजनयिक अब्बास अराघची ने बयान दिया कि “अगर अमेरिका चाहे तो एक फोन कॉल से जंग रुक सकती है, लेकिन अब तक अमेरिका ने कोई सकारात्मक पहल नहीं की है।”
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के किसी भी प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के युद्ध जारी रखने के निर्णय का समर्थन किया है।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि “यह अभियान मध्य-पूर्व की तस्वीर बदल देगा” और इज़राइल पीछे हटने वाला नहीं है।
इस बीच, इज़राइल के रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने चेतावनी दी है कि “अगर जरूरत पड़ी तो इज़राइल ईरान के किसी भी हिस्से पर बम गिराएगा, यहां तक कि खामेनेई को भी निशाना बनाएगा।”
