पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापकइमरान खान को आंखों के इलाज के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच रावलपिंडी स्थित अडियाला जेल से इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) अस्पताल ले जाया गया। निर्धारित फॉलो-अप के तहत डॉक्टरों की टीम ने उनकी प्रभावित आंख में एंटी-वीईजीएफ इंट्राविट्रियल इंजेक्शन लगाया, जिसका उद्देश्य उनकी दृष्टि में सुधार लाना है। उपचार के बाद उन्हें दोबारा जेल भेज दिया गया।
पीआईएमएस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इंजेक्शन से पहले विशेषज्ञों के एक बोर्ड ने उनका विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण किया। इस बोर्ड में कार्डियोलॉजिस्ट और फिजिशियन शामिल थे। उनकी इकोकार्डियोग्राफी और ईसीजी समेत अन्य जरूरी जांचें की गईं, जिनमें उन्हें क्लिनिकली स्थिर पाया गया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि यह प्रक्रिया पीआईएमएस और शिफा नेत्र अस्पताल के सलाहकार नेत्र रोग विशेषज्ञों तथा विट्रियोरेटिनल सर्जन की देखरेख में डे-केयर सर्जरी के तहत पूरी की गई।
अस्पताल के मुताबिक, उपचार के दौरान और बाद में उनकी हालत स्थिर रही। आवश्यक फॉलो-अप सलाह, देखभाल संबंधी निर्देश और मेडिकल दस्तावेज सौंपने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इमरान खान को लगभग 15 वाहनों के काफिले में जेल से अस्पताल लाया गया। इस दौरान काले रंग की गाड़ियों के साथ तीन सिग्नल जैमर भी तैनात किए गए थे। कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच इलाज पूरा होने के बाद उन्हें वापस अडियाला जेल पहुंचा दिया गया।
