तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए मंगलवार शाम तक की डेडलाइन दी है। उन्होंने ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ को दिए इंटरव्यू में चेतावनी दी कि अगर ईरान ऐसा नहीं करता, तो उसके पावर प्लांट और पुलों को तबाह कर दिया जाएगा।
हालांकि ट्रंप की इस धमकी का ईरान पर फिलहाल कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। ईरान ने साफ कर दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट तभी खोला जाएगा, जब ट्रांजिट टोल का एक हिस्सा युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। यह बयान ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़े अधिकारी मेहदी तबातबाई ने दिया।
ईरान की कड़ी चेतावनी
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि उसके “लापरवाह कदम” पूरे क्षेत्र को आग में झोंक सकते हैं। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका भी गंभीर परिणामों की ओर बढ़ेगा।
अल्टीमेटम और हमले की चेतावनी
ट्रंप ने पहले भी ईरान को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर तय समय तक कोई कदम नहीं उठाया गया, तो ईरान के पावर प्लांट और पुल सुरक्षित नहीं रहेंगे। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संभावित हमले का समय भी बताया—मंगलवार रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम), जो भारतीय समय के अनुसार बुधवार सुबह होगा।
डील की उम्मीद भी जताई
तनाव के बीच ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है और सोमवार तक किसी समझौते की संभावना हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो “सब कुछ तबाह करने” और ईरान के तेल पर कब्जा करने पर विचार किया जाएगा।
भारत पर असर की आशंका
इस तनाव का असर भारत पर भी पड़ सकता है। फिलहाल देश में तेल की कोई बड़ी कमी नहीं है, लेकिन एलपीजी आपूर्ति चुनौती बनी हुई है। सरकार एलपीजी उपभोक्ताओं को पीएनजी पर शिफ्ट करने पर जोर दे रही है और पिछले एक महीने में करीब आठ लाख ग्राहक पीएनजी से जुड़े हैं।
इसके अलावा मिडिल ईस्ट से आने वाली यूरिया और डीएपी की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है। अगर होर्मुज स्ट्रेट जल्द नहीं खुलता, तो उर्वरकों की कमी का संकट भी पैदा हो सकता है।
