Europe Heatwave: यूरोप में भीषण गर्मी और जंगलों की आग से तबाही, 1300 से ज्यादा मौतें, कई देशों में रेड अलर्ट

Europe Heatwave: यूरोप भीषण गर्मी और जंगलों की आग की दोहरी मार झेल रहा है, जहां अब तक 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। चेक गणराज्य में पारा 41.9°C पहुंच गया है, वहीं WHO ने इसे सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप बताया है।

बर्लिन: यूरोप इस समय भीषण गर्मी और जंगलों की आग की दोहरी मार झेल रहा है। अब तक 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें सबसे ज्यादा करीब 1000 मौतें फ्रांस में दर्ज की गई हैं। इटली, बाल्कन देशों और भूमध्यसागरीय क्षेत्र में जंगलों की आग ने हालात और गंभीर बना दिए हैं।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 5 और 6 जुलाई तक तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है तथा भीषण गर्मी का दौर अगले सप्ताह तक जारी रहने की आशंका है।

पूर्वी जर्मनी के गोहरिशहाइड में जंगल के बड़े हिस्से में आग लग गई है। वहीं, दक्षिण-पश्चिम जर्मनी में ट्राइसेन के पास आग बुझाने का बड़ा अभियान चलाया जा रहा था। हालांकि, क्षेत्र में बिना फटे विस्फोटकों में धमाके होने के बाद आग बुझाने का काम रोकना पड़ा और विस्फोटक निरोधक दस्ते को बुलाना पड़ा।

भीषण गर्मी के कारण बीमार होने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बर्लिन में शनिवार को 500 अतिरिक्त एंबुलेंस तैनात की गईं, जिनमें अधिकांश मामले गर्मी से संबंधित थे। लोगों और पर्यटकों को राहत देने के लिए बर्लिन पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने वाले दो बड़े वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

गर्मी का असर बुनियादी ढांचे पर भी दिखाई दे रहा है। कई हाईवे की सड़कें चटक गई हैं, जबकि लीपजिग में ट्रैक और स्विच को नुकसान पहुंचने से ट्राम सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

फ्रांस और जर्मनी के अलावा ऑस्ट्रिया, चेक गणराज्य और पोलैंड में भी तापमान ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं। चेक गणराज्य में अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया, जहां तापमान 41.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे पहले का रिकॉर्ड 40.9 डिग्री सेल्सियस था।

ग्रीस की सिविल प्रोटेक्शन एजेंसी ने रविवार को देश के पांच इलाकों में जंगलों में आग लगने के खतरे की चेतावनी जारी की है।

हंगरी में डेन्यूब नदी का तापमान बढ़ने के कारण पाक्स परमाणु संयंत्र ने रविवार को एक बार फिर अपना उत्पादन कम कर दिया। संयंत्र में डेन्यूब नदी के पानी का इस्तेमाल कूलेंट के रूप में किया जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधनाम गेब्रियेसस ने एक्स पर कहा कि यूरोप धरती का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप है, जो वैश्विक औसत से दोगुनी गति से गर्म हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय 15 करोड़ लोग भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं, सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है, स्कूल बंद हैं और बिजली ग्रिड पर भारी दबाव पड़ रहा है।

इस बीच, अमेरिका की नेशनल वेदर सर्विस ने भी चेतावनी दी है कि इस सप्ताह देश के बड़े हिस्से में लंबी और खतरनाक हीट वेव का असर रहेगा। चार जुलाई की छुट्टी से पहले तापमान में और वृद्धि होगी तथा उमस के कारण गर्मी अधिक महसूस होगी। विभाग के अनुसार, निचले ग्रेट लेक्स, मिड-अटलांटिक और मिसिसिपी तथा ओहियो नदी की घाटियों में कई दिनों तक तापमान ऊंचा बना रहेगा। कई बड़े शहरों में, जहां फीफा वर्ल्ड कप के मैच हो रहे हैं, वहां इस वर्ष का अब तक का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया जा सकता है।

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