बर्लिन: यूरोप इस समय भीषण गर्मी और जंगलों की आग की दोहरी मार झेल रहा है। अब तक 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें सबसे ज्यादा करीब 1000 मौतें फ्रांस में दर्ज की गई हैं। इटली, बाल्कन देशों और भूमध्यसागरीय क्षेत्र में जंगलों की आग ने हालात और गंभीर बना दिए हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 5 और 6 जुलाई तक तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है तथा भीषण गर्मी का दौर अगले सप्ताह तक जारी रहने की आशंका है।
पूर्वी जर्मनी के गोहरिशहाइड में जंगल के बड़े हिस्से में आग लग गई है। वहीं, दक्षिण-पश्चिम जर्मनी में ट्राइसेन के पास आग बुझाने का बड़ा अभियान चलाया जा रहा था। हालांकि, क्षेत्र में बिना फटे विस्फोटकों में धमाके होने के बाद आग बुझाने का काम रोकना पड़ा और विस्फोटक निरोधक दस्ते को बुलाना पड़ा।
🚨 Europe is literally melting.
— RB. (@KailashVashi) June 28, 2026
As temperatures soar to 40–45°C, traffic lights in parts of Italy and Germany are reportedly melting under the relentless heat.
The continent's extreme heatwave is pushing infrastructure to its breaking point. 🌡️🫠 pic.twitter.com/6oK04O3wgS
भीषण गर्मी के कारण बीमार होने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बर्लिन में शनिवार को 500 अतिरिक्त एंबुलेंस तैनात की गईं, जिनमें अधिकांश मामले गर्मी से संबंधित थे। लोगों और पर्यटकों को राहत देने के लिए बर्लिन पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने वाले दो बड़े वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
गर्मी का असर बुनियादी ढांचे पर भी दिखाई दे रहा है। कई हाईवे की सड़कें चटक गई हैं, जबकि लीपजिग में ट्रैक और स्विच को नुकसान पहुंचने से ट्राम सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
फ्रांस और जर्मनी के अलावा ऑस्ट्रिया, चेक गणराज्य और पोलैंड में भी तापमान ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं। चेक गणराज्य में अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया, जहां तापमान 41.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे पहले का रिकॉर्ड 40.9 डिग्री सेल्सियस था।
Europe is experiencing an intensifying heatwave across the continent. Germany has just reached a record 41.7°C. Water cannons were used to help cool crowds as temperatures continued to soar.📍 Berlin. pic.twitter.com/TKuDEp4ZLv
— Weather Monitor (@WeatherMonitors) June 28, 2026
ग्रीस की सिविल प्रोटेक्शन एजेंसी ने रविवार को देश के पांच इलाकों में जंगलों में आग लगने के खतरे की चेतावनी जारी की है।
हंगरी में डेन्यूब नदी का तापमान बढ़ने के कारण पाक्स परमाणु संयंत्र ने रविवार को एक बार फिर अपना उत्पादन कम कर दिया। संयंत्र में डेन्यूब नदी के पानी का इस्तेमाल कूलेंट के रूप में किया जाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधनाम गेब्रियेसस ने एक्स पर कहा कि यूरोप धरती का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप है, जो वैश्विक औसत से दोगुनी गति से गर्म हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय 15 करोड़ लोग भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं, सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है, स्कूल बंद हैं और बिजली ग्रिड पर भारी दबाव पड़ रहा है।
🚨 Europe is in the grip of a historic heatwave
— GlobeUpdate (@Globupdate) June 29, 2026
– WHO links 1,300+ excess deaths to the extreme heat since 21 June
– Germany hit 41.7°C, Poland 40.5°C, and the Czech Republic 41.1°C
– France alone has reported around 1,000 excess deaths#Europe #heatwave #Germany pic.twitter.com/V1mBrC824Q
इस बीच, अमेरिका की नेशनल वेदर सर्विस ने भी चेतावनी दी है कि इस सप्ताह देश के बड़े हिस्से में लंबी और खतरनाक हीट वेव का असर रहेगा। चार जुलाई की छुट्टी से पहले तापमान में और वृद्धि होगी तथा उमस के कारण गर्मी अधिक महसूस होगी। विभाग के अनुसार, निचले ग्रेट लेक्स, मिड-अटलांटिक और मिसिसिपी तथा ओहियो नदी की घाटियों में कई दिनों तक तापमान ऊंचा बना रहेगा। कई बड़े शहरों में, जहां फीफा वर्ल्ड कप के मैच हो रहे हैं, वहां इस वर्ष का अब तक का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया जा सकता है।
