Trump Praises Vladimir Putin and Xi Jinping: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की जमकर तारीफ की है। ट्रंप ने कहा कि दोनों नेता बेहद चतुर, मजबूत और रणनीतिक सोच वाले व्यक्ति हैं, जिनके साथ किसी भी देश को “खेलने” की गलती नहीं करनी चाहिए।
ट्रंप का यह बयान अमेरिकी न्यूज चैनल सीबीएस के कार्यक्रम ‘60 मिनट्स’ में इंटरव्यू के दौरान आया। जब उनसे पूछा गया कि पुतिन और शी जिनपिंग में से किससे निपटना ज्यादा मुश्किल है, तो उन्होंने कहा, “दोनों ही कठिन नेता हैं। ये ऐसे लोग नहीं हैं जो बस अच्छे मौसम की बात करें, बल्कि ये गंभीर और ताकतवर लोग हैं जिन्हें बहुत गंभीरता से लेना चाहिए।”
शी जिनपिंग के साथ रिश्तों पर बोले ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि उनके और शी जिनपिंग के बीच हमेशा अच्छे संबंध रहे हैं। उन्होंने बताया कि भले ही कोविड-19 महामारी के दौरान दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आया था, लेकिन आपसी सम्मान अब भी बरकरार है। “चीन और अमेरिका दोनों ही शक्तिशाली राष्ट्र हैं और हमारे बीच संतुलित रिश्ता जरूरी है,” ट्रंप ने कहा।
यूक्रेन युद्ध को लेकर बाइडेन पर निशाना
यूक्रेन में जारी युद्ध पर बोलते हुए ट्रंप ने मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “अगर मैं राष्ट्रपति होता, तो यूक्रेन युद्ध कभी नहीं होता। पुतिन ने भी कहा था कि ट्रंप के कार्यकाल में उन्होंने ऐसा कदम उठाने की हिम्मत नहीं की।” ट्रंप ने दावा किया कि उनके शासनकाल में रूस और यूक्रेन के बीच तनाव कभी युद्ध में नहीं बदला क्योंकि “मेरे रहते कोई सीमा पार करने की हिम्मत नहीं करता।”
CBS: "Who’s tougher to deal with, Vladimir Putin or Xi Jinping?"@POTUS: "Both tough. Both smart. Look, they’re both very strong leaders. These are people not to be toyed with. These are people you have to take very serious." pic.twitter.com/eYs4DOvYXA
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) November 3, 2025
टैरिफ वॉर पर भी बोले ट्रंप
ट्रंप ने चीन के खिलाफ अपने ट्रेड वॉर की नीति को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने रणनीतिक रूप से टैरिफ लगाकर अमेरिका की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया। “हां, थोड़ी तकलीफ हुई थी, लेकिन हम चीन से बहुत सारा पैसा वसूल कर रहे थे,” उन्होंने कहा। साथ ही, हाल में चीन पर टैरिफ में की गई 10 प्रतिशत की कटौती को “सद्भावना का संकेत” बताया, जो दक्षिण कोरिया में शी जिनपिंग से उनकी सकारात्मक बातचीत के बाद लिया गया फैसला था।
ट्रंप के इन बयानों ने एक बार फिर अमेरिकी राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में नई बहस छेड़ दी है। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान 2025 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले उनकी विदेश नीति को लेकर संकेत देता है — जहां वे अमेरिका की “कठोर लेकिन कूटनीतिक” छवि को दोबारा स्थापित करना चाहते हैं।
