गया, बिहार: गयाजी में चल रहे विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में इस बार अनोखा दृश्य देखने को मिला। रूस और यूक्रेन जैसे युद्धग्रस्त देशों के श्रद्धालु भी यहां एक साथ बैठकर पितरों की आत्मशांति के लिए पिंडदान करते नजर आए। फल्गु नदी तट स्थित देवघाट पर रूस, यूक्रेन, अमेरिका और स्पेन से आए कुल 17 विदेशी श्रद्धालुओं ने गयापाल पंडा मनोज लाल टइयां के नेतृत्व में विधिवत अनुष्ठान किया।
इनमें 3 पुरुष और 14 महिलाएं शामिल थीं, जो भारतीय परिधान में सजधज कर मंत्रोच्चार के बीच अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और पिंडदान करती दिखीं। श्रद्धालु सियाना ने कहा कि गयाजी की आध्यात्मिक धरा और संस्कृति ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है।

जिला प्रशासन के अनुसार अब तक करीब 25 लाख 19 हजार श्रद्धालु गयाजी पहुंचकर श्राद्ध कर चुके हैं। युद्ध की विभीषिका के बावजूद रूस और यूक्रेन के श्रद्धालुओं का साथ आना इस बात का प्रतीक है कि आस्था और संस्कृति की शक्ति सीमाओं से परे है।

